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garry sobers story: 1973 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई उनकी एक पारी क्रिकेट लोककथाओं का हिस्सा बन चुकी है. यह कहानी सर गैरी सोबर्स की है जो रातभर पार्टी करता है, सुबह पेट दर्द से तड़पता है, और फिर मैदान पर जाकर एक ऐसा शतक ठोकता है जिसे देखकर दुनिया दंग रह जाती है.
वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर गैरी सोबर्स ने 1973 में बिना सोए बना दिया था 150 रन
सर गारफील्ड (गैरी) सोबर्स क्रिकेट इतिहास के वो तिलिस्मी जादूगर हैं, जिनके आगे रिकॉर्ड्स भी बौने नज़र आते हैं. क्रिकेट की दुनिया ने कई महान बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ देखे, लेकिन सोबर्स जैसा ‘मैच विनर’ और बिंदास खिलाड़ी सदियों में एक बार पैदा होता है. उनके खेलने का अंदाज़ा जितना आक्रामक था, मैदान के बाहर उनकी जीवनशैली उतनी ही बेफ़िक्र और रंगीन थी. 1973 में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई उनकी एक पारी क्रिकेट लोककथाओं का हिस्सा बन चुकी है. यह कहानी सर गैरी सोबर्स की है जो रातभर पार्टी करता है, सुबह पेट दर्द से तड़पता है, और फिर मैदान पर जाकर एक ऐसा शतक ठोकता है जिसे देखकर दुनिया दंग रह जाती है.
रातभर पार्टी, सुबह 4 बजे तक जागना
यह वाकया 1973 के वेस्टइंडीज के इंग्लैंड दौरे का है. लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान, मैच के चौथे दिन का खेल खत्म होने के बाद गैरी सोबर्स अपने दोस्तों के साथ लंदन की नाइटलाइफ़ का मज़ा लेने निकल पड़े. सोबर्स अपनी बेबाक लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते थे. उस रात उन्होंने जमकर शराब पी, दोस्तों के साथ महफ़िल जमाई और सुबह के 4 बज गए. जब वह अपने होटल के कमरे में लौटे, तो उनके पास सोने के लिए बमुश्किल दो-तीन घंटे ही बचे थे. सुबह जब सोबर्स की आँख खुली, तो भारी हैंग ओवर और रात की लापरवाही के कारण उनके पेट में ज़ोरदार दर्द हो रहा था. उनकी हालत इतनी खराब थी कि वह टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ आधिकारिक बस में बैठने की स्थिति में नहीं थे. टीम बस रवाना हो गई, लेकिन सोबर्स ने हार नहीं मानी. पेट दर्द से जूझते हुए उन्होंने ताज़ी हवा पाने और अपने शरीर को जगाने के लिए होटल से लॉर्ड्स मैदान तक पैदल ही चलने का फैसला किया. हाथ में किट बैग थामे, दर्द से कराहते हुए वेस्टइंडीज का यह कप्तान पैदल ही मैदान पर पहुँचा.
मैदान पर उतरते ही बदला गियर
जब सोबर्स ड्रेसिंग रूम में पहुँचे, तो वेस्टइंडीज की हालत बेहद नाज़ुक थी. टीम ने अपने शीर्ष विकेट सस्ते में गंवा दिए थे और हार का खतरा मंडरा रहा था. सोबर्स ने जल्दी से अपनी सफ़ेद जर्सी पहनी और मैदान पर उतर गए. इंग्लैंड के गेंदबाज़ उन्हें आउट करने के इरादे से आग उगल रहे थे. सोबर्स जब क्रीज पर पहुंचे, तो उनके पेट में अभी भी मरोड़ उठ रही थी, लेकिन जैसे ही उन्होंने पहली गेंद का सामना किया, दर्द गायब हो गया और सिर्फ उनका क्लास बाकी रहा.
दर्द को भुलाकर ठोक दिया ऐतिहासिक शतक
गैरी सोबर्स ने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स की बरसात कर दी. उन्होंने इंग्लैंड के घातक गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की. देखते ही देखते उन्होंने एक नाबाद शतकीय पारी 150 रनों खेल डाली. उन्होंने न सिर्फ अपनी टीम को संकट से निकाला, बल्कि मैच को सुरक्षित स्थिति में पहुँचाकर ड्रॉ करा दिया. यह पारी सिर्फ रनों की नहीं, बल्कि उनके अदम्य साहस, गज़ब की मानसिक ताकत और क्रिकेट के प्रति उनके स्वाभाविक टैलेंट का प्रमाण थी. गैरी सोबर्स की यह कहानी आज के पेशेवर और कड़े अनुशासन वाले क्रिकेट युग में एक कल्पना जैसी लगती है. सोबर्स ने साबित किया कि महानता सिर्फ कड़े नियमों से नहीं, बल्कि आपके भीतर छिपे असाधारण हुनर और विपरीत परिस्थितियों में डटने के जज्बे से आती है. सुबह 4 बजे तक पार्टी करने के बाद, पेट दर्द से जूझते हुए लॉर्ड्स में पैदल जाकर शतक ठोकना सिर्फ गैरी सोबर्स के ही बस की बात थी इसीलिए उन्हें आज भी क्रिकेट इतिहास का सबसे महान ऑलराउंडर माना जाता है.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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