Image Slider

-जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की सक्रिय निगरानी से कस रहा शिकंजा
-ओवररेटिंग और तय समय के बाद शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई
-नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, दोहराने पर लाइसेंस निरस्त और जेल की चेतावनी

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्णायक अभियान चला रखा है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई कर न केवल अवैध शराब के तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचा रही हैं, बल्कि लाइसेंसधारी शराब दुकानों पर भी कड़ी निगरानी रख रही हैं। विभाग की इस सख्ती का असर यह है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं और अनुज्ञापियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। आबकारी विभाग की टीम जिले की शराब दुकानों पर नियमित निरीक्षण कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी दुकानें सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित हों। इसी कड़ी में विभाग ने पिछले एक वर्ष के दौरान ओवररेटिंग, तय समय के बाद शराब की बिक्री और अन्य नियमों के उल्लंघन के मामलों में 22 अनुज्ञापियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत विभाग ने जुर्माना लगाकर करीब 16 लाख 50 हजार रुपये का राजस्व भी प्राप्त किया है।

जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम की कार्यशैली को लेकर विभाग के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा है। वे खुद अपनी टीम के साथ नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण करते हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। उनके नेतृत्व में विभाग की टीमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण कर शराब बिक्री की पूरी व्यवस्था की जांच करती हैं। इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लग रहा है, बल्कि नियमों के पालन को भी मजबूती मिल रही है। अक्सर देखा जाता है कि कई लाइसेंसधारी दुकानदार लाइसेंस लेने के बाद दुकानों को पूरी तरह विक्रेताओं के भरोसे छोड़ देते हैं। ऐसे मामलों में कई बार विक्रेता नियमों का उल्लंघन कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा अंतत: अनुज्ञापी को भुगतना पड़ता है। इसी कारण आबकारी विभाग लगातार अनुज्ञापियों को निर्देश देता रहता है कि वे स्वयं भी दुकानों की गतिविधियों पर नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि वहां कोई भी नियम विरुद्ध कार्य न हो। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम का कहना है कि विभाग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिले में शराब की बिक्री पूरी तरह से नियमों के अनुसार हो।

उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से अब तक जिले में कुल 22 अनुज्ञापियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में ओवररेटिंग, तय समय से पहले दुकान खोलने या बंद होने के बाद शराब बेचने जैसे उल्लंघन शामिल हैं। इन सभी मामलों में विभाग ने जुर्माना लगाकर लगभग 16 लाख 50 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शराब बिक्री से जुड़े सभी लाइसेंसधारी नियमों का सख्ती से पालन करें। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। यदि दूसरी बार वही गलती दोहराई जाती है तो जुर्माने की राशि दोगुनी कर दी जाती है। वहीं तीसरी बार नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अनुज्ञापी का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाता है। इसके साथ ही गंभीर मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है।

आबकारी विभाग का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग की टीमें समय-समय पर जिले की सभी शराब दुकानों का निरीक्षण करती रहेंगी और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी के खिलाफ भी सख्त अभियान चलाया जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम ने यह भी कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि शराब कारोबार को पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध बनाना भी है। इसके लिए अनुज्ञापियों को समय-समय पर नियमों की जानकारी दी जाती है और उन्हें निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी दुकानों की गतिविधियों पर खुद भी निगरानी रखें। उन्होंने बताया कि विभाग की सख्ती से जिले में शराब बिक्री व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिला है।

निरीक्षण और कार्रवाई की वजह से कई दुकानदार अब नियमों का पालन करने के प्रति अधिक सतर्क हो गए हैं। आबकारी विभाग की इस सक्रियता से जहां सरकार को राजस्व प्राप्त हो रहा है, वहीं आम लोगों को भी तय कीमत पर शराब उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। जिले में चल रहे इस अभियान से साफ है कि आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार और नियमों के उल्लंघन के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार प्रथम के नेतृत्व में विभाग की टीम लगातार सक्रिय है और आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। इससे जिले में शराब कारोबार को पूरी तरह नियमों के दायरे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||