Image Slider

होमताजा खबरcareerपहले प्रयास में 4 नंबर से चूके UPSC, दूसरी बार में मारी बाजी, लाए 269वीं रैंक

Last Updated:

Kartikeya Singh UPSC Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी किया जा चुका है. इस परीक्षा में कैसरगंज से सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह ने सफलता हासिल की है. उन्होंने ऑल इंडिया 269वीं रैंक हासिल कर सफलता एक मिसाल कायम की है.

ख़बरें फटाफट

पहले प्रयास में 4 नंबर से चूके UPSC, दूसरी बार में मारी बाजी, लाए 269वीं रैंकZoom

कार्तिकेय सिंह यूपीएससी सक्सेस स्टोरी

Kartikeya Singh UPSC Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में यूपी के गोंडा जिला के कार्तिकेय सिंह ने कमाल कर दिखाया है. उन्होंने अपने दूसरे ही प्रयास में ऑल इंडिया 269वीं रैंक हासिल कर सिविल सेवा परीक्षा में अपना परचम लहराया है. वह अपने पहले प्रयास में केवल 4 नंबरों के कारण इंटरव्यू राउंड तक नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन इस बार उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी और सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने के अपने सपने को पूरा कर डाला.

सांसद प्रतिनिधि के बेटे हैं कार्तिकेय सिंह

कार्तिकेय सिंह कैसरगंज से सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह के बड़े बेटे हैं. उन्होंने अपना शुरुआती शिक्षा गोंडा जिला में रहकर ही हासिल की है. उन्होंने कक्षा 1 से 10वीं तक की पढ़ाई रघुकुल विद्यापीठ गोंडा बृजभूषण शरण के स्कूल से ही की है. इसके बाद, कक्षा 11वीं-12वीं की शिक्षा उन्होंने फातिमा इंटर कॉलेज सर्कुलर रोड गोंडा से हासिल की है. साल 2017 में इंटर कंप्लीट करने के बाद उन्होंने JEE की तैयारी की और उसमें भी सफलता हासिल कर IIT बॉम्बे में एडमिशन लिया. यहां से BTech की पढ़ाई कर कार्तिकेय ने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

JEE की तैयारी के दौरान बना लिया था UPSC देने का मन

कार्तिकेय कि पिता जी बताते हैं कि जब वह कोटा में JEE की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्होंने UPSC देने और देश की सेवा करने का मन बना लिया था. इसलिए कार्तिकेय ने ग्रेजुएशन के बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी और अपने दूसरे ही प्रयास में ऑल इंडिया 269वीं रैंक हासिल कर उन्होंने अपने घरवालों के साथ-साथ पूरे जिले का नाम रोशन किया है.

घर में सब हैं एक से बढ़कर एक

कार्तिकेय कि पिता कहते हैं कि उनके दो बेटे हैं. बड़े बेटे का नाम कार्तिकेय सिंह है, जबकि छोटे बेटे का नाम मार्कण्डेय सिंह है. बड़े बेटे ने जहां आज देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में सफलता हासिल की है, वहीं उनका छोटा बेटा लखनऊ हाईकोर्ट में एडवोकेट है. इसके अलावा, कार्तिकेय का मां किरण सिंह पोस्ट ऑफिस में डाक अधिक्षक के रूप में कार्यरत हैं.

कार्तिकेय के पिता बोले – बच्चा जो करे, उसमें उसे सपोर्ट करो

कार्तिकेय कि पिता संजीव सिंह कहते हैं कि मैं राजनीति में एक्टिव हूं, जबकि कार्तिकेय की माता जी पोस्ट ऑफिस में कार्यरत हैं. लेकिन इसके बावजूद बच्चों के लिए समय निकालना ही पड़ता है. मैंने अपने बेटे से पहले ही कहा था कि तुम्हें जो करना है करो, मेरी तरफ से तुम्हें पूरा सपोर्ट है. उन्होंने समाल में बाकी माता-पिता से अपील भी की कि अगर आपका बच्चा जिंदगी में कुछ करना चाहता है, तो उसे करने दें और उसमें उसे सपोर्ट भी करें. इसके अलावा, उसे जहां आपकी जरूरत हो वहां आप उसके लिए खड़े भी रहें.

About the Author

authorimg

Kunal Jha

कुणाल झा एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन साल से ज्यादा का अनुभव है. वह नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के कई अलग-अलग मुद्दों को कवर करते हैं. करियर, एजुकेशन, जॉब और स्पोर्ट्स जैसी फील्ड में…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||