रामनवमी के अवसर पर रामनगरी अयोध्या में इस वर्ष भव्य आयोजन की तैयारी की जा रही है. रामलला के मंदिर सहित शहर के हजारों मंदिरों में भगवान राम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इस दिन दोपहर ठीक 12 बजे विशेष तकनीक के जरिए रामलला के मस्तक पर सूर्य तिलक का दिव्य दृश्य देखने को मिलेगा.
अयोध्या. रामनगरी अयोध्या में इस साल रामनवमी का महापर्व बेहद धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया जाएगा. 27 मार्च को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर रामलला के मंदिर सहित पूरे शहर के छोटे-बड़े मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस दिन अयोध्या पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबी नजर आएगी.
14 हजार मंदिरों में मनाया जाएगा रामलला का जन्मोत्सव
रामनगरी के करीब 14 हजार मंदिरों में भगवान राम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. इस खास मौके पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में राम भक्त अयोध्या पहुंचेंगे. भक्तों की भारी भीड़ के चलते पूरी नगरी में धार्मिक उल्लास और उत्साह का माहौल रहेगा.
रामलला के मस्तक पर होगा दिव्य सूर्य तिलक
रामनवमी के दिन एक बार फिर भगवान सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर तिलक करेंगी. यह अद्भुत और दिव्य दृश्य विशेष तकनीक की मदद से संभव होता है. दोपहर के समय सूर्य की किरणें सीधे मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचती हैं और भगवान रामलला के मस्तक पर पड़ती हैं, जिसे सूर्य तिलक कहा जाता है.
वैज्ञानिक तकनीक से तैयार की गई है व्यवस्था
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि पिछले साल की तरह इस बार भी सूर्य तिलक की व्यवस्था की गई है. इसके लिए केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की और इसकी सहयोगी कंपनी ऑप्टिकल के साथ 10 साल का अनुबंध किया जा रहा है. इसी संस्था की ओर से सूर्य तिलक की व्यवस्था के लिए विशेष कंप्यूटर प्रोग्राम भी तैयार किया गया है.
दोपहर 12 बजे रामलला के मस्तक पर पड़ेगी सूर्य की किरण
निर्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि जिस तरह पिछले साल सूर्य तिलक हुआ था, उसी प्रकार इस बार भी यह दिव्य दृश्य देखने को मिलेगा. दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी. इस व्यवस्था को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए रुड़की के वैज्ञानिकों और राम मंदिर ट्रस्ट के बीच 10 साल का अनुबंध किया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी की थी सूर्य तिलक की परिकल्पना
राम मंदिर में विराजमान रामलला पर सूर्य तिलक की परिकल्पना देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी. इसी विचार के आधार पर वैज्ञानिक तकनीक की मदद से इस दिव्य व्यवस्था को साकार किया गया, जिससे रामनवमी के दिन भक्तों को अद्भुत दृश्य के दर्शन होते हैं.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें
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