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मशहूर फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या इन दिनों अपने नए शो ‘संगमरमर’ को लेकर सुर्खियों में हैं. प्रमोशन के दौरान उन्होंने युवा कलाकारों को एक बड़ा सफलता मंत्र दिया है. फिल्ममेकर का कहना है कि ग्लैमर की इस दुनिया में मेंटल मजबूती बहुत जरूरी है. उन्होंने सलाह दी कि अगर कभी काम पसंद न आए या प्रोजेक्ट फेल हो जाए, तो घबराने के बजाय उसे सबक की तरह लें. भगवद्गीता का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बस ईमानदारी से मेहनत करो और फल की चिंता छोड़ दो.

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सूरज बड़जात्या का कहना है कि हार मानने के बजाय और ज्यादा मेहनत करनी चाहिए.

नई दिल्ली. मशहूर फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या इन दिनों अपने नए स्ट्रीमिंग शो ‘संगमरमर’ को लेकर काफी चर्चा में हैं. शो के प्रमोशन के दौरान वह न सिर्फ अपनी नई कहानी के बारे में बात कर रहे हैं, बल्कि उभरते हुए कलाकारों को इंडस्ट्री के गुर भी सिखा रहे हैं. उन्होंने युवा टैलेंट को एक बेहद जरूरी सीख दी. उन्होंने कहा कि असफलता से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उसे एक सबक की तरह लेना चाहिए. सूरज बड़जात्या के मुताबिक, नाकामयाबी ही आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है.

आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत में सूरज बड़जात्या ने कहा, ‘अगर किसी कलाकार का काम लोगों को पसंद नहीं आता या कोई प्रोजेक्ट उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं होता, तो ऐसे में हार मानने के बजाय और ज्यादा मेहनत करनी चाहिए. इस इंडस्ट्री में काम करते समय मानसिक रूप से मजबूत रहना बहुत जरूरी है.’

हर बार लोग पसंद नहीं करते हैं आपका काम

उन्होंने कहा, ‘जब कोई कलाकार किसी फिल्म, शो या किसी भी तरह के रचनात्मक काम में मेहनत करता है तो उसे उम्मीद होती है कि लोग उसे पसंद करेंगे, लेकिन कई बार ऐसा नहीं होता. ऐसे में कलाकार को निराशा होती है और वह खुद पर शक करने लगता है. इन हालातों में सबसे जरूरी बात यह है कि कलाकार खुद से यह सवाल पूछे कि क्या उसने अपना बेस्ट दिया था? अगर उसने पूरी मेहनत की है तो उसे परिणाम की चिंता करने के बजाय आगे बढ़ना चाहिए और नए काम पर ध्यान देना चाहिए.’

जिंदगी में मिलती रहती है सफलता-असफलता

सूरज बड़जात्या ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, ‘जिंदगी के हर क्षेत्र में ऐसा होता है. कभी दिन अच्छा होता है तो कभी मुश्किल भरा. कभी कोई योजना सफल हो जाती है तो कभी महीनों की मेहनत भी तुरंत परिणाम नहीं देती. यह सिर्फ फिल्मों या कला की दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि हर पेशे में ऐसा होता है, इसलिए कलाकारों को भी इन उतार-चढ़ाव को जीवन का सामान्य हिस्सा मानना चाहिए.’

लगातार मेहनत करना जरूरी

सूरज बड़जात्या ने अपने बयान में श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षा यह है कि इंसान को अपना काम पूरी ईमानदारी और मेहनत से करना चाहिए, लेकिन परिणाम को लेकर ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए. अगर कोई कलाकार इस सोच को अपनाता है तो वह असफलता से जल्दी बाहर निकल सकता है. अगर किसी भी वरिष्ठ कलाकार से पूछा जाए कि असफलता से कैसे निपटना चाहिए, तो ज्यादातर लोग यही सलाह देंगे कि लगातार मेहनत करते रहो और अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश करो.’ सूरज बड़जात्या का नया शो ‘संगमरमर’ इस समय जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध है.

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Kamta Prasad

साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें

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