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होमखेलक्रिकेटचोटिल हुए जम्मू-कश्मीर के कप्तान, फिर भी टीम ने कर्नाटक पर कसा शिकंजा

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Ranji Trophy Final Day-1: रणजी ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच खेला जा रहा है. मैच में जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. खेल के पहले दिन की समाप्ति तक जम्मू-कश्मी की टीम ने सिर्फ 2 विकेट के नुकसान 284 रन बनाकर अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया है.

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रणजी ट्रॉफी फाइनल मैच

हुबली: रणजी ट्रॉफी के इतिहास में पहली बार फाइनल खेल रही जम्मू-कश्मीर को उस समय बड़ा झटका लगा जब टीम के कप्तान पारस डोगरा चोटिल हो गए. हुबली में कर्नाटक के खिलाफ ऐतिहासिक फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था. टीम की शुरुआत खराब रही, लेकिन यावर हसन और शुभम पुंडीर ने पारी को संभाल लिया. हालांकि, हसन 88 रन बनाकर आउट हो गए.

इसके बाद कप्तान पारस बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे, लेकिन वह सिर्फ 9 रन ही बना पाए थे कि प्रसिद्ध कृष्णा की एक जानलेवा बाउंसर से वह चोटिल हो गए. गेंद काफी तेज थी. ऐसे में वह रिटायर हर्ट होकर वापस पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद टीम के लिए शुभम और अब्दुल समद ने मोर्चा संभाला और कर्नाटक की सांसे फुला दी.

शुभम पुंडीर ने फाइनल में लगाया शतक

जम्मू-कश्मीर के लिए दिन के खेल की समाप्ति तक शुभम पुंडीर के नाबाद शतक और अब्दुल समद ने अपनी फिफ्टी पूरी कर पवेलियन लौटे. इस तरह रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन जम्मू-कश्मीर ने कर्नाटक के खिलाफ दो विकेट पर 284 रन बना कर मजबूत शुरुआत की. खब्बू बल्लेबाज शुभम दिन का खेल खत्म होने पर 117 रन पर नाबाद हैं, जबकि अब्दुल समद (नाबाद 52) अर्धशतकीय पारी के साथ उनका साथ निभा रहे हैं. कप्तान पारस डोगरा के चोट के कारण रिटायर हर्ट होने के बाद दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 105 रन की अटूट साझेदारी कर ली है.

इससे पहले 27 साल के शुभम और यावर ने दूसरे विकेट के लिए 139 रन जोड़कर आठ बार की चैंपियन टीम के खिलाफ बड़े स्कोर की नींव रखी. दो शतकीय साझेदारियों में शामिल शुभम ने शिखर शेट्टी के खिलाफ डीप मिड-विकेट के ऊपर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया. इस उपलब्धि का जश्न उन्होंने हेलमेट उतारकर और ड्रेसिंग रूम की ओर हाथ उठाकर मनाया.

टॉस जीतकर जम्मू-कश्मीर ने क्यों चुनी बैटिंग?

मैच के आगे बढ़ने के साथ पिच से स्पिनरों को अधिक मदद मिलने की संभावना को देखते हुए जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया जो अब तक सही साबित हुआ है. मध्य प्रदेश और बंगाल जैसी स्थापित टीमों को नॉकआउट में हराकर पहली बार रणजी फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर को पहला झटका तब लगा जब कमरान इकबाल (छह) प्रसिद्ध कृष्णा की बाहर जाती गेंद पर स्लिप में केएल राहुल को कैच दे बैठे.

इसके बाद यावर और शुभम ने पहले सत्र में टीम को संभाला और लंच तक स्कोर एक विकेट पर 104 रन पहुंचा दिया. लंच के समय यावर 57 और शुभम 38 रन पर नाबाद थे. दोनों ने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए कर्नाटक के अनुभवी गेंदबाजों को प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं दिया. नयी गेंद ने दिन की शुरुआत में बल्लेबाजों को परेशान किया और गेंद कई बार बल्ले को छकाती हुई निकल गई और कुछ किनारे भी लगे, लेकिन दोनों ने इस मुश्किल दौर को संयम के साथ झेल लिया.

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Jitendra Kumar

अक्टूबर 2025 से नेटवर्क 18 समूह में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 9 साल का अनुभव. एबीपी न्यूज डिजिटल में स्पोर्ट्स बीट से करियर की शुरुआत। इंडिया टीवी और नवभारत टाइम्स ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित संस्…और पढ़ें

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