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How Many IAS Officers Selected Every Year: भारत में हर साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है. यह परीक्षा तीन चरणों (प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू) में होती है. इस परीक्षा के तीनों राउंड में सफलता हासिल करने वाले उम्मीदवार ही फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह बना पाते हैं और IAS-IPS-IFS-IRS समेत भारत सरकार की ‘ए’ ग्रेड की नौकरियां हासिल कर पाते हैं.

यूपीएससी द्वारा 933 वैकेंसी को भरने के लिए सिविल सेवा परीक्षा 2025 कराई गई थी, जिसका रिजल्ट आयोग द्वारा किसी भी दिन जारी किया जा सकता है. रिजल्ट जारी होते ही फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाले उम्मीदवार इस वैकेंसी के जरिए मिलने वाले पदों के लिए एलिजिबल हो जाएंगे. हालांकि, कोई भी पोस्ट उन्हें उनकी रैंक के हिसाब से अलॉट की जाएगी. लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आखिर कितने उम्मीदवार IAS के पद के लिए चुने जाएंगे? अगर नहीं, तो आज हम आपको यह बताएंगे कि हर साल कितने उम्मीदवार आईएएस के पद के लिए चुने जाते हैं और इसके पीछे क्या कारण है.

हर साल 180 उम्मीदवारों का होता है IAS के लिए सेलेक्शन

दरअसल, यूपीएससी हर साल सिविल सेवा परीक्षा के जरिए कुल 180 उम्मीदवारों को आईएएस ऑफिसर (IAS Officer) की पोस्ट के लिए चुनता है. यूपीएससी द्वारा चुने जाने वाले 180 IAS अधिकारियों की संख्या हर साल फिक्स रहती है. इसके पीछा का कारण बसवान कमेटी की रिपोर्ट है, जिसे केंद्र सरकार ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा के फॉर्मेट, उम्र सीमा, सेलेक्शन वगैरह पर सिफारिशें करने के लिए बनाया था.

इस साल किस कैटेगरी के कितने उम्मीदवार बनेंगे IAS?

– अनारक्षित (UR): 72 पद
– अनुसूचित जाति (SC): 27 पद
– अनुसूचित जनजाति (ST): 14 पद
– अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 49 पद
– आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 18 पद
– PwBD (दिव्यांग): 7 पद

कुल पद: 180

IAS ऑफिसर्स के सेलेक्शन को लेकर क्या कहती है बसवान कमेटी?

बसवान कमेटी की रिपोर्ट लंबे समय तक IAS ऑफिसर्स की जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थी. इस रिपोर्ट में हर साल चुने जाने वाले आईएएस ऑफिसर्स की फिक्स संख्या का जिक्र किया गया है. दरअसल, साल 2010 में एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम में 569 IAS ऑफिसर्स की कमी थी. इसको देखते हुए कमेटी ने सुझाव दिया कि सिस्टम में ऑफिसर्स का बैलेंस बनाए रखने के लिए हर साल 180 IAS ऑफिसर्स चुने जाने चाहिए, यह देखते हुए कि ऑफिसर्स की कमी और हर साल रिटायर होने वाले ऑफिसर्स की संख्या कितनी है.

वहीं, अगर 180 से ज्यादा ऑफिसर्स की भर्ती की जाएगी, तो इससे क्वालिटी से कॉम्प्रोमाइज होगा, IAS ऑफिसर्स के करियर में भी दिक्कत आ सकती है और संख्या LBSNAA की कैपेसिटी से ज्यादा हो जाएगी.

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