इन खिलाड़ियों का आउट ऑफ फॉर्म में होना
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी शैली वैसी नहीं दिखी जैसी आईपीएल में थी. साउथ अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच में उनकी विफलता और संजू सैमसन का बड़े मैचों में फ्लॉप शो होना मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के लिए सिरदर्द बना हुआ है. कोच गौतम गंभीर हमेशा से ऐसे खिलाड़ियों के पक्षधर रहे हैं जो निडर होकर पावरप्ले का इस्तेमाल करें. यहीं से ईशान किशन की वापसी और वैभव सूर्यवंशी के उदय की कहानी शुरू होती है.
भारतीय क्रिकेट टीम में जल्द ही नजर आ सकते हैं वैभव सूर्यवंशी.
अनुभव और आक्रामकता का मेल
ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड के लिए खेलते हुए अपनी फॉर्म साबित की है. वर्ल्ड कप टीम में उनकी वापसी एक मजबूत संकेत है. किशन न केवल एक बेहतरीन विकेटकीपर हैं, बल्कि वे पावरप्ले में किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाने की क्षमता रखते हैं. बिहार से ताल्लुक रखने वाले ईशान अब अपनी परिपक्वता से टीम को वो स्थिरता दे सकते हैं, जिसकी तलाश गिल और जायसवाल के बाद टीम को है.
वैभव सूर्यवंशी और ‘विस्फोटक’ चमत्कार
लेकिन सबसे बड़ा सस्पेंस 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर है. बिहार के इस छोटे से लड़के ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की जो पारी खेली, उसने उसे रातों-रात ग्लोबल सनसनी बना दिया है. वैभव न केवल सबसे युवा आईपीएल खिलाड़ी हैं, बल्कि उनके पास वह ‘एक्स-फैक्टर’ है जो महान सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता है. अपने पहले ही आईपीएल सीजन में जिस अंदाज में बल्लेबाजी की वह अभी तक लोगों के जेहन में है.
क्या ईशान किशन और वैभव पारी की शुरुआत करेंगे?
चयनकर्ताओं की भावी रणनीति
यदि बीसीसीआई वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में ‘ग्रूम’ करने का फैसला लेता है, तो वे ईशान किशन के साथ मिलकर एक ऐसी लेफ्ट-हैंडेड ओपनिंग जोड़ी बनाएंगे, जो दुनिया के किसी भी कप्तान के लिए फील्डिंग सजाना मुश्किल कर देगी. चयनकर्ताओं के लिए चुनौती यह है कि क्या वे एक 14-15 साल के वैभव पर इतना बड़ा दांव लगाएंगे? हालांकि, इतिहास गवाह है कि महान खिलाड़ी अक्सर कम उम्र में ही अपनी चमक बिखेरते हैं. ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी की जोड़ी न केवल तकनीकी रूप से मजबूत है, बल्कि दोनों बिहार की मिट्टी से आते हैं, जिससे उनके बीच एक स्वाभाविक तालमेल भी दिख सकता है.
कुलमिलाकर यदि अभिषेक शर्मा, अंशुमन गिल और संजू सैमसन अपनी फॉर्म वापस नहीं पाते हैं, तो 2026 के खत्म होते-होते ईशान और वैभव के रूप में भारतीय क्रिकेट का एक नया और ‘बिहारी’ अध्याय शुरू होते देख सकते हैं. यह जोड़ी न केवल टीम को मजबूती देगी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य को एक नई और निडर दिशा भी प्रदान कर सकती है.
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