दिल्ली विधानसभा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। यह अनुरोध विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग से संबंधित था। समिति ने केजरीवाल को ‘फांसी घर’ से जुड़े एक मामले में आज को तलब किया है।
‘केजरीवाल 10 साल विधानसभा के सदस्य रहे’
दिल्ली विधानसभा ने केजरीवाल को पत्र लिखकर इस अस्वीकृति की जानकारी दी। पत्र में विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष के आश्चर्य का उल्लेख किया गया है। अध्यक्ष को केजरीवाल की “इस मामले में अज्ञानता” पर हैरानी हुई। केजरीवाल 10 साल से अधिक समय से विधानसभा के सदस्य रहे हैं। उन्होंने विशेषाधिकार समिति की कई बैठकों में भी भाग लिया है।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय के पत्र में स्पष्ट किया गया है। पत्र के अनुसार, विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही गोपनीय होती है। प्रक्रिया के नियम इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की अनुमति नहीं देते हैं। विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही को अत्यंत गोपनीय रखा जाता है। यह विधानसभा के नियमों और प्रक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। गोपनीयता का उद्देश्य समिति के सदस्यों को स्वतंत्र रूप से काम करने देना है। इससे बिना किसी बाहरी दबाव के निर्णय लिए जा सकते हैं। यह नियम सुनिश्चित करता है कि संवेदनशील मामलों पर खुलकर चर्चा हो।
समिति अध्यक्ष ने उठाए सवाल
समिति अध्यक्ष ने केजरीवाल की जानकारी के अभाव पर आश्चर्य व्यक्त किया। केजरीवाल लंबे समय से विधानसभा के एक अनुभवी सदस्य रहे हैं। उन्होंने कई बार विशेषाधिकार समिति की बैठकों में भी हिस्सा लिया है। ऐसे में उनसे इन नियमों की जानकारी होने की अपेक्षा की जाती है। अध्यक्ष का मानना है कि उन्हें गोपनीयता के प्रावधानों से अवगत होना चाहिए था।
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