- खुद की क्षमता पहचानें, लक्ष्य के लिए पूरी निष्ठा से बढ़ें: प्रो. डॉ. मुरलीमनोहर पाठक
- ज्ञान और कौशल के साथ संस्कार व मूल्य ही बनाते हैं सच्ची सफलता की नींव: अनमोल बंसल
- आरजे नावेद ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों में भरा जोश-परिस्थितियां नहीं, आपका संकल्प तय करेगा भविष्य
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। एचआईएमटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उनके शैक्षणिक जीवन की नई यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर मंगलवार को भव्य ‘आरंभ 2026’ अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन, मूल्यों, कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा से परिचित कराने के साथ ही उन्हें अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, तकनीक, नेतृत्व, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास से जुड़े प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में एचआईएमटी ग्रुप के सचिव अनिल कुमार बंसल ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एचआईएमटी परिवार से जुडऩा विद्यार्थियों के जीवन की एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। संस्थान में उन्हें शिक्षा के साथ-साथ सीखने, अनुभव प्राप्त करने और अपनी प्रतिभा को निखारने के अनेक अवसर मिलेंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की। एचआईएमटी ग्रुप के संयुक्त सचिव अनमोल बंसल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में शिक्षा, कौशल और जीवन मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा आपको ज्ञान देती है। कौशल आपको पेशेवर काबिलियत देते हैं, लेकिन मूल्य आपको यह सिखाते हैं कि अपने ज्ञान और काबिलियत का जिम्मेदारी से इस्तेमाल कैसे किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। अपने उद्घाटन संबोधन में ग्रुप निदेशक प्रो. (डॉ.) सुधीर कुमार ने कहा कि एचआईएमटी में विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों की मौजूदगी संस्थान को एक विशिष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान करती है। यहां प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, औषधि विज्ञान, शिक्षा और विधि जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थी एक-दूसरे के साथ संवाद और सहयोग करते हुए सीखने का अवसर प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि विविध विषयों के विद्यार्थियों का साथ मिलकर सीखना उनके व्यक्तित्व और दृष्टिकोण को व्यापक बनाता है।
एचआईएमटी ग्रुप के कार्यकारी निदेशक डॉ. विक्रांत चौधरी ने स्वागत संबोधन में विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता एक दिन में हासिल नहीं होती, बल्कि छोटे-छोटे प्रयासों, धैर्य, निरंतरता और सकारात्मक दृष्टिकोण से मंजिल तक पहुंचा जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों को लेकर गंभीर रहने और कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. (डॉ.) मुरलीमनोहर पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर अपार क्षमता और सामर्थ्य मौजूद है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने और सही दिशा में विकसित करने की है। उन्होंने कहा कि सफलता की शुरुआत स्वयं को पहचानने और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने से होती है।
विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने, आत्मविश्वास विकसित करने और अपने लक्ष्य की दिशा में पूरी निष्ठा से आगे बढऩे की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथि वैज्ञानिक ‘एफ’ एवं अपर निदेशक, एसएजी, डीआरडीओ, नई दिल्ली आशीष सोनकर ने विद्यार्थियों को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए कहा कि सफलता का कोई छोटा रास्ता नहीं होता। इसके लिए समर्पण, प्रतिबद्धता और अनुशासन जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने, लगातार मेहनत करने और चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने का आह्वान किया। बीआईएस एवं कौशल विकास समिति, एफसीबीएम इंडिया के अध्यक्ष तथा आईआईएमएम ग्रेटर नोएडा के शाखा अध्यक्ष के.पी. सिंह ने कहा कि वर्तमान औद्योगिक परिवेश में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को व्यावसायिक और तकनीकी दक्षताओं पर भी विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, समस्या समाधान क्षमता तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य कौशलों को लगातार विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के विशेष आकर्षण प्रसिद्ध मनोरंजनकर्ता, रेडियो उद्घोषक एवं विषय-वस्तु निर्माता आरजे नावेद रहे। उनके प्रेरक और मनोरंजक संबोधन ने विद्यार्थियों में उत्साह और ऊर्जा भर दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पृष्ठभूमि यह तय नहीं करती कि वह भविष्य में क्या बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से परिस्थितियों को अपनी सीमा न मानने और बड़े सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रबंधन निदेशक प्रो. (डॉ.) पंकज कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से एचआईएमटी ग्रुप की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा, उपलब्धियों और संस्थान की शैक्षणिक प्रगति से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिनसे पूरा वातावरण उत्साह और उमंग से भर गया। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) अनुज मित्तल, निदेशक, एचआईएमटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, प्रो. (डॉ.) रमा दत्त, प्राचार्या, हरलाल स्कूल ऑफ लॉ, डॉ. मनोरमा, प्राचार्या-शिक्षा, नरेंद्र उपाध्याय, विभागाध्यक्ष-आईटी, डॉ. दिनेश कुमार, विभागाध्यक्ष-जैव प्रौद्योगिकी, कविता चौधरी, प्रशासनिक अधिकारी, भूपेंद्र नागर, तंत्र प्रशासक (आईटी) सहित सभी संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए एचआईएमटी में नई शैक्षणिक यात्रा की उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी शुरुआत का संदेश दिया।
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