• 15 दिन में पूरे हो चुके कार्यों को फिनिशिंग देने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
• दो माह में सभी यूटिलिटी और मैनहोल का काम पूरा कर फुटपाथ निर्माण शुरू करने का अल्टीमेटम
• इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी में करीब 17 किलोमीटर सड़कों का हो रहा निर्माण, 300 करोड़ का है प्रोजेक्ट
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम में सीएम ग्रिड फेस-2 के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मंगलवार को निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण करते हुए मौके पर अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। निर्माण की गति संतोषजनक नहीं मिलने पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त ने मौके पर ही निर्माण विभाग के अधिकारियों से चल रहे कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट ली और विभिन्न सड़कों पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो कार्य 15 दिन में पूरे हो चुके हैं, उन्हें तत्काल फिनिशिंग दी जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़क को अधूरा छोडऩे की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए। यदि निर्धारित समय में फिनिशिंग और अन्य जरूरी कार्य पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बड़े प्रोजेक्ट में समयसीमा और गुणवत्ता दोनों से समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्माण विभाग को नियमित निगरानी के साथ कार्यों की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। ठेकेदारों से भी कहा गया कि पर्याप्त संख्या में श्रमिक और मशीनरी लगाकर काम को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि इंदिरापुरम क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर विकास कार्य नगर निगम द्वारा कराया जा रहा है और इसमें स्थानीय निवासियों का सहयोग भी मिल रहा है। ऐसे में निगम की जिम्मेदारी है कि निर्माण कार्य समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा हो। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज कुमार सिंह सहित निर्माण विभाग के अधिकारी और संबंधित ठेकेदार मौजूद रहे। नगर आयुक्त की सख्ती के बाद अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों पर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने का दबाव बढ़ गया है।
सड़कों की गुणवत्ता और फिनिशिंग पर विशेष जोर
नगर आयुक्त ने इंदिरापुरम में काला पत्थर, कावेरी मार्ग, सुशीला नय्यर मार्ग, कस्तूरबा मार्ग और देवेंद्र जस मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क की लेवलिंग, निर्माण सामग्री हटाने और अधूरे हिस्सों को फिनिश करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य केवल निर्धारित समय में पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सड़क की गुणवत्ता, समतलीकरण और अंतिम रूप देने के काम पर भी बराबर ध्यान दिया जाए। इसके बाद नगर आयुक्त ने वैशाली और कौशांबी क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डाबर चौक से आनंद विहार को जोडऩे वाली सड़क के साथ हर्षवर्धन मार्ग, धर्म मार्ग, यशोदा मार्ग और महेश मार्ग की स्थिति देखी। इन मार्गों पर चल रहे कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों से कहा कि कार्यबल बढ़ाकर निर्माण की रफ्तार तेज की जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
दो माह में यूटिलिटी और मैनहोल का काम पूरा करने का लक्ष्य
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा देते हुए कहा कि अगले दो माह में सभी यूटिलिटी संबंधी कार्य पूरे किए जाएं। इसके साथ ही मैनहोल का निर्माण पूरा कर फुटपाथ निर्माण का कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के बाद बार-बार खुदाई की स्थिति पैदा न हो, इसलिए सभी यूटिलिटी कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से पहले पूरा करना जरूरी है। उन्होंने मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी को कार्यों की निगरानी और बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही ठेकेदारों को अतिरिक्त टीम लगाकर काम में तेजी लाने के लिए कहा। नगर आयुक्त ने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर प्रगति की समीक्षा करें और जहां भी काम की रफ्तार धीमी मिले, वहां तत्काल सुधार कराया जाए।
इंदिरापुरम में 10 किलोमीटर, वैशाली-कौशांबी में सात किलोमीटर सड़कें
नगर आयुक्त ने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम की ओर से इंदिरापुरम क्षेत्र के लोगों को व्यवस्थित, सुंदर और आकर्षक सड़कें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सीएम ग्रिड फेस-2 के तहत बड़े स्तर पर कार्य कराया जा रहा है। इंदिरापुरम में करीब 10 किलोमीटर तथा वैशाली और कौशांबी में करीब सात किलोमीटर सड़क नेटवर्क पर निर्माण कार्य चल रहा है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत वाले इस बड़े प्रोजेक्ट में एक साथ कई प्रमुख मार्गों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ फुटपाथ, यूटिलिटी, मैनहोल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को भी बेहतर ढंग से विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को बेहतर यातायात और नागरिक सुविधाओं के अनुरूप विकसित करना है।
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