Image Slider

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने और बढ़ती आबादी के साथ कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए नोएडा अथॉरिटी ने दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। सेक्टर-121 स्थित पर्थला गोलचक्कर पर प्रस्तावित अंडरपास और सेक्टर-150 के सामने नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर बनने वाले फ्लाईओवर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों परियोजनाओं की डीपीआर 15 अक्टूबर तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

फ्लाईओवर के बावजूद पर्थला गोलचक्कर पर जाम
पर्थला गोलचक्कर पर पहले से ही फ्लाईओवर बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद यहां ट्रैफिक दबाव कम नहीं हो पाया है। पीक आवर्स में वाहनों की लंबी कतार लगने से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस समस्या को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने कुछ समय पहले यहां अंडरपास बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। अब इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए डीपीआर तैयार कराने का काम शुरू कर दिया गया है। अंडरपास बनने के बाद गोलचक्कर पर ऊपर से गुजरने वाले और नीचे से निकलने वाले यातायात को अलग करने में मदद मिलेगी। इससे पर्थला गोलचक्कर पर वाहनों का दबाव कम होने और ट्रैफिक संचालन बेहतर होने की उम्मीद है।

सेक्टर-150 को एक्सप्रेसवे से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
दूसरी ओर नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे सेक्टर-150 को सीधे एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस परियोजना की डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। फिलहाल सेक्टर-150 तक पहुंचने और वहां से बाहर निकलने के लिए लोगों को सफीपुर गांव के पास सेक्टर-148 के सामने एक्सप्रेसवे पर बने पुराने अंडरपास का इस्तेमाल करना पड़ता है। सेक्टर में लगातार आबादी बढ़ने के कारण मौजूदा कनेक्टिविटी पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों की जरूरत को देखते हुए अथॉरिटी ने यहां नया फ्लाईओवर बनाने का फैसला किया है।

50 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं प्रस्तावित
सेक्टर-150 में बड़ी संख्या में आवासीय परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। यहां करीब 50 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित किए जाने हैं। इनमें से 16 परियोजनाओं में फ्लैट तैयार हो चुके हैं और कई सोसाइटियों में लोग रहना भी शुरू कर चुके हैं। अथॉरिटी के अनुमान के मुताबिक, सेक्टर-150 की सभी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को मिलाकर करीब 40 हजार फ्लैट बनने हैं। इसके अलावा सेक्टर में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी निर्माण प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले समय में यहां वाहनों की संख्या और यातायात दबाव बढ़ने की संभावना है।

स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं में भी आएगी तेजी
सेक्टर-150 के आसपास विकास को गति मिलने की एक और वजह स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाएं हैं। स्पोर्ट्स सिटी से रोक हटने के बाद अटकी हुई परियोजनाओं में भी काम तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। स्पोर्ट्स सिटी-1 में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम भी प्रस्तावित है। इसके अलावा सेक्टर-150 के आसपास सेक्टर-149, सेक्टर-152 और सेक्टर-151 भी स्थित हैं।

वर्तमान व्यवस्था में नोएडा की ओर से इन सेक्टरों की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे पर पहुंचने से पहले सर्विस रोड की ओर उतरना पड़ता है। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इसी समस्या को देखते हुए सेक्टर-150 के सामने फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की गई है।

दोनों परियोजनाओं की डीपीआर पर काम शुरू
नोएडा अथॉरिटी के जीएम सिविल एके अरोड़ा ने बताया कि पर्थला गोलचक्कर के अंडरपास और सेक्टर-150 के सामने प्रस्तावित फ्लाईओवर, दोनों परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कराने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। 15 अक्टूबर तक डीपीआर तैयार होने की संभावना है। इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

अथॉरिटी का मानना है कि दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पर्थला गोलचक्कर पर जाम से राहत मिलने के साथ सेक्टर-150 और आसपास के सेक्टरों की एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। आबादी, आवासीय परियोजनाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए इन दोनों परियोजनाओं को भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||