आयुष्मान भारत कार्ड क्या है और यह कैसे काम करता है?
- 5 लाख रुपए का कवर: इस कार्ड के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है.
- कैशलेस और पेपरलेस इलाज: मरीज को अस्पताल में भर्ती होने पर जेब से एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ता. सारा भुगतान सरकार द्वारा सीधे अस्पताल को किया जाता है.
- पोर्टेबिलिटी: इस कार्ड की मदद से देश भर के किसी भी सरकारी या पंजीकृत (Empaneled) निजी अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है.
- कोई एज लिमिट नहीं: योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या या उम्र पर कोई पाबंदी नहीं है.
आयुष्मान भारत कार्ड के लिए कौन पात्र है?
इस योजना का लाभ सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC 2011) के आंकड़ों और सरकार द्वारा तय की गई कैटेगरी के आधार पर है:
ग्रामीण क्षेत्र के लोग:
- ऐसे परिवार जिनके पास कच्चे मकान हैं.
- भूमिहीन दिहाड़ी मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, भीख मांगने वाले या घरेलू कामगार.
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवार.
- ऐसे परिवार जिनमें 16 से 59 वर्ष की आयु का कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है या परिवार का मुखिया कोई दिव्यांग व्यक्ति है.
शहरी क्षेत्र के लोग: सड़क किनारे सामान बेचने वाले (स्ट्रीट वेंडर्स), रिक्शा चालक, मोची, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, सफाई कर्मचारी, पेंटर, प्लंबर, दर्जी, ड्राइवर, और सुरक्षा गार्ड आदि.
वरिष्ठ नागरिक (70 वर्ष और उससे अधिक)
70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को आय सीमा के बिना (चाहे वे अमीर हों या गरीब) इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. इन्हें अलग से 5 लाख रुपये का टॉप-अप कवर मिलता है.
कौन पात्र नहीं है?
- जिनके पास पक्का मकान, कार/थ्री-व्हीलर या ट्रैक्टर है.
- सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता (Income Tax Payers).
- 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले परिवार या 10,000 रुपये प्रति माह से अधिक कमाने वाले परिवार.
आयुष्मान भारत कार्ड से क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
- शुरुआत से ही पहले की बीमारियों का कवर: निजी बीमा कंपनियों की तरह इसमें कोई ‘वेटिंग पीरियड’ नहीं होता. पुरानी से पुरानी बीमारी भी कार्ड बनने के पहले ही दिन से कवर होती है.
- अस्पताल में भर्ती होने का खर्च: बेड चार्ज, डॉक्टर की फीस, नर्सिंग चार्ज, ICU/ICCU का खर्च पूरी तरह मुफ्त होता है.
- जांच और दवाइयां: भर्ती के दौरान होने वाले टेस्ट (जैसे एक्स-रे, एमआरआई, ब्लड टेस्ट) और दवाइयों का खर्च योजना में शामिल है.
- प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन: अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की जांच/दवाइयां और डिस्चार्ज होने के 15 दिनों बाद तक का फॉलो-अप खर्च और दवाइयां इसमें शामिल हैं.
- ट्रांसपोर्ट भत्ता: एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने पर ट्रांसपोर्टेशन चार्ज भी कवर होता है.
कौन-से इलाज और मेडिकल खर्च इसमें शामिल हैं?
आयुष्मान भारत के तहत 1900 से ज्यादा मेडिकल और सर्जिकल प्रोसीजर (Packages) शामिल हैं. इसमें प्रमुख बीमारियां और सर्जरी शामिल हैं:
- हृदय रोग (Cardiology): एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी, पेसमेकर लगाना.
- कैंसर (Oncology): कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और कैंसर की सर्जरी.
- हड्डी के रोग (Orthopedics): नी-रिप्लेसमेंट (घुटने का प्रत्यारोपण), हिप रिप्लेसमेंट, फ्रैक्चर सर्जरी.
- न्यूरोलॉजी: ब्रेन सर्जरी, स्ट्रोक का इलाज.
- किडनी रोग: डायलिसिस और प्रोस्टेट की सर्जरी.
- अन्य सामान्य सर्जरी: गॉलब्लाडर (पित्त की थैली) की पथरी, हर्निया, अपेंडिक्स, मोतियाबिंद (Cataract) का ऑपरेशन.
- मातृत्व एवं शिशु देखभाल: प्रसव (Delivery) और नवजात शिशु से जुड़ी गहन देखभाल (NICU Care).
आयुष्मान भारत के तहत कौन-से इलाज शामिल नहीं हैं?
योजना के तहत केवल अस्पताल में भर्ती होने (In-patient) की स्थिति में ही कवर मिलता है. नीचे बताए गए खर्चे और इलाज इसमें शामिल नहीं हैं:
- ओपीडी (OPD): बिना अस्पताल में भर्ती हुए डॉक्टर को दिखाना या बाहरी दवाइयां लेना.
- कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी: टैटू बनवाना/हटाना, ब्यूटी से जुड़ी सर्जरी (जब तक कि वह किसी दुर्घटना का हिस्सा न हो).
- फर्टिलिटी और आईवीएफ (IVF): निसंतानता का इलाज या टेस्ट ट्यूब बेबी से जुड़े उपचार.
- अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant): लिवर या दिल का जटिल प्रत्यारोपण (अत्यधिक लागत के कारण इस योजना में सीमित हैं या शामिल नहीं हैं).
- नशा मुक्ति केंद्र का खर्च: शराब या ड्रग्स छुड़ाने से जुड़े डि-एडिक्शन प्रोग्राम.
- पर्सनल जांच: बिना डॉक्टर की सलाह या बिना भर्ती हुए कराई गई लैब जांचें.
आयुष्मान भारत कार्ड कैसे बनाएं ?
अगर आप पात्र हैं, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से आसानी से अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं:
1. ऑनलाइन पोर्टल (Self-Apply):
- आधिकारिक वेबसाइट [pmjay.gov.in या beneficiary.nha.gov.in पर जाएं.
- “Am I Eligible” पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करें.
- ओटीपी (OTP) दर्ज करने के बाद यदि आपका नाम लिस्ट में है, तो आधार OTP/बायोमेट्रिक से e-KYC पूरा करें और अपना आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर लें.
2. आयुष्मान ऐप (Ayushman App):
- Google Play Store से Ayushman App डाउनलोड करें.
- ‘Beneficiary’ के रूप में लॉग इन करके e-KYC करें और कार्ड प्राप्त करें.
3. सीएससी (CSC) या निकटतम केंद्र:
- अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (Common Service Centre) पर जाएं.
- अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर जाएं. वहाँ ऑपरेटर बायोमेट्रिक सत्यापन करके आपका कार्ड जनरेट कर देगा.
4. अस्पताल में आयुष्मान मित्र (Ayushman Mitra):
- किसी भी सूचीबद्ध (Empaneled) सरकारी या निजी अस्पताल में बने आयुष्मान मित्र डेस्क पर संपर्क करें. वे तुरंत आपकी पात्रता जांचकर ऑन-द-स्पॉट कार्ड बनाने में मदद करेंगे.
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