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who is cjp worker sheikh abdul hafeez: दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई कहानी बैंकुड़ा के एक गांव तक पहुंची. CJP कार्यकर्ता अब्दुल हफीज ने स्कूल की बदहाली को सोशल मीडिया पर उठाया. इसके बाद उनके घर पर हमला हुआ. पिता बेटे को बचाने आगे आए और गंभीर घायल हो गए. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मामले में आठ लोग गिरफ्तार हैं.

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कौन हैं CJP कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज? छात्र आंदोलन की वजह से पिता की हत्या!Zoom

CJP के अब्दुल हफीज कौन हैं? जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से लेकर स्कूल अभियान तक, पिता की मौत के बाद क्यों चर्चा में आए.

cjp worker Father murder bankura: पश्चिम बंगाल के बैंकुड़ा में CJP कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज का नाम अब एक हत्या के मामले के बाद चर्चा में है. हफीज कुछ समय पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे. वहां उन्होंने CJP के आंदोलन में हिस्सा लिया था. इसके बाद वह अपने गांव लौटे. यहां उन्होंने अपने पुराने स्कूल की बदहाली को लेकर आवाज उठानी शुरू की. कुछ ही दिनों बाद उनके परिवार पर हमला हुआ और उनके पिता की मौत हो गई.

दिल्ली से लौटे तो गांव में उठाई आवाज

मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, अब्दुल हफीज बैंकुड़ा के इंदास थाना इलाके के रहने वाले हैं. वह 19 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे. 20 जुलाई को वहां आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. हफीज ने बताया कि इस दौरान उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में एक दिन रहने के बाद उन्होंने आंदोलन से जुड़े काम में हिस्सा लिया. इसके बाद 27 जुलाई को वह बैंकुड़ा लौट आए. दिल्ली में रहते हुए हफीज आंदोलन से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते थे. उनका दावा है कि गांव लौटने के बाद स्थानीय BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके CJP आंदोलन में शामिल होने पर नाराजगी जताई.

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी नाराजगी?

हफीज का आरोप है कि गांव लौटने के बाद उन्हें धमकियां मिलीं. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के आंदोलन से जुड़ी पोस्ट करना बंद कर दिया. लेकिन उनका सामाजिक अभियान रुका नहीं. वह अपने गांव के सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर सक्रिय रहे. 13 अगस्त को हफीज CJP के ‘Fix the School’ कार्यक्रम के तहत करिशुंडा पश्चिमपाड़ा प्राथमिक स्कूल पहुंचे. खास बात यह है कि वह इसी स्कूल के पुराने छात्र हैं. अभियान का मकसद स्कूल में पढ़ाई और बुनियादी सुविधाओं की हालत सामने लाना था. हफीज ने स्कूल की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा की. यहीं से मामले में एक नया मोड़ आया. आरोप है कि उसी रात कुछ लोग उनके घर पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी.

घर में घुसे हमलावर, पिता ने बचाई जान

हफीज के मुताबिक, हमलावरों के पास लाठी, रॉड और कुल्हाड़ी जैसे हथियार थे. उन्होंने घर पर हमला किया. हफीज किसी तरह खुद को बचाकर घर के अंदर चले गए. इसी दौरान उनके पिता मोहम्मद माफिक बेटे को बचाने आगे आए. आरोप है कि हमलावरों ने माफिक को भी बुरी तरह पीटा. वह गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस की मदद से उन्हें इंदास ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. हालत बिगड़ने पर 15 अगस्त को उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया. माफिक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पिता की मौत के बाद हफीज ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर उनके पिता की जान गई, वह स्कूल से जुड़ा था.

पिता की मौत के बाद आठ गिरफ्तार

घटना के बाद बैंकुड़ा के इंदास इलाके में तनाव बढ़ गया. मृतक की पत्नी हसीना बेगम थाने पहुंचीं. उन्होंने 10 से 15 लोगों के खिलाफ शिकायत दी. शिकायत में पांच लोगों के नाम भी बताए गए. पुलिस ने मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार लोगों में स्थानीय BJP बूथ अध्यक्ष अष्टम माझी और एक पूर्व BJP बूथ अध्यक्ष भी शामिल बताए गए हैं. आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, गंभीर मारपीट, हमला और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है. हालांकि, जिला पुलिस अधीक्षक ने घटना को राजनीतिक रंग दिए जाने से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है. ऐसे में हमले के पीछे की पूरी वजह जांच के बाद ही साफ होगी.

सुवेंदु बोले- किसी को नहीं बचाएंगे

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि पुलिस परिवार की शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर रही है. कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. किसी को बचाने का सवाल नहीं है. वहीं CJP ने घटना की कड़ी निंदा की है. पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि लोग अपने स्कूलों की हालत सुधारने के लिए आगे आ रहे हैं. ऐसे समय में सहयोग के बजाय हिंसा की घटना बेहद गंभीर है. CJP की ओर से हफीज से संपर्क किए जाने की बात भी सामने आई है. पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बैंकुड़ा जाने वाला है.

पिता की याद में स्कूल बनाने की मांग

पिता को खोने के बाद अब्दुल हफीज ने सरकार के सामने एक बड़ी मांग रखी है. उन्होंने कहा कि उनके पिता की मौत के मामले में दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. इसके साथ ही जिस स्कूल की हालत सुधारने की मांग को लेकर वह अभियान चला रहे थे, उसे उनके पिता की याद में बेहतर सुविधाओं वाला स्कूल बनाया जाए. यही मांग इस पूरे मामले को एक अलग मोड़ देती है. एक तरफ पिता की हत्या का आरोप है. दूसरी तरफ स्कूल की बदहाली का सवाल है. बीच में है एक युवा CJP कार्यकर्ता, जो दिल्ली के जंतर-मंतर से अपने गांव तक एक आंदोलन का हिस्सा बना रहा था. अब पुलिस जांच यह तय करेगी कि हमले और हत्या के पीछे असल वजह क्या थी.

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