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सुल्तानपुर की ऐतिहासिक हसनपुर रियासत का महल जर्जर हो रहा है. 1857 की क्रांति में राजा हुसैन अली खान ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी, पर अब संरक्षण के अभाव में यह विरासत खतरे में है. देश के आजादी की पहली लड़ाई में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में लगभग सभी रियासत ने एकजुटता दिखाते हुए लड़ाई लड़ी. जिसमें कई किले ध्वस्त हुए. जिसके सबूत आज भी कई रियासतें हैं. लेकिन ये रियासत आज अपनी पहचान खो रही हैं. इनके संरक्षण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक हसनपुर रियासत का महल धीरे-धीरे क्षरित हो रहा है.

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सुल्तानपुरः देश के आजादी की पहली लड़ाई में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में लगभग सभी रियासत ने एकजुटता दिखाते हुए लड़ाई लड़ी. जिसमें कई किले ध्वस्त हुए. जिसके सबूत आज भी कई रियासतें हैं. लेकिन ये रियासत आज अपनी पहचान खो रही हैं. इनके संरक्षण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक हसनपुर रियासत का महल धीरे-धीरे क्षरित हो रहा है.

यह रियासत 1857 की क्रांति में राजा हुसैन अली खान के ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के लिए जानी जाती है, लेकिन अब इसकी विरासत संरक्षण के अभाव में खतरे में है. हसनपुर रियासत के वंशज कुंवर मसूद अली के अनुसार, जिस रियासत के राजा हुसैन ने 1857 की जंग में ब्रिटिश सेना को चांदा से लेकर कादू नाला तक धूल चटाई थी. उसी रियासत का महल और उसके बगल का प्राचीन गेट, जिसे शेरशाह सूरी के आगमन के लिए बनवाया गया था, अब खंडहर में बदल रहा है.

अपने पैसे से वंशज कराते हैं देखभाल

वंशज अपने निजी पैसों से कुछ काम करा पाते हैं, लेकिन सरकारी उपेक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण इस ऐतिहासिक इमारत का संरक्षण नहीं हो पा रहा है. यह स्थिति न केवल एक ढाँचे के खत्म होने जैसी है, बल्कि सुल्तानपुर के 1857 की क्रांति में दिए गए योगदान को भी भुला देने के समान है. स्थानीय लोग भी इसके संरक्षण की मांग कर रहे हैं.

अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी लड़ाई

हसनपुर रियासत का इतिहास अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भी जाना जाता है. गभड़िया नाले पर अंग्रेजी हुकूमत से हसनपुर रियासत की जंग हुई थी, जिसमें अंग्रेजी हुकूमत को हार का सामना करना पड़ा था. आजादी दिलाने में हसनपुर का अहम योगदान माना जाता है. मुगल काल में हसनपुर एक जागीर हुआ करता था और यह बारह बस्ती का हिस्सा है.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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