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कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने सोमवार को कहा कि जो लोग उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, उन्हें पहले 25 दिन भूख हड़ताल पर बैठना चाहिए और फिर लाठीचार्ज का सामना करना चाहिए। दरअसल, विजयपुरा में एक एग्जाम सेंटर पर पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान ओएमआर शीट के सीरियल नंबर प्रश्न पत्र से मेल नहीं खा रहे थे। इसके बाद कई छात्र परीक्षा केंद्र से बाहर निकल आए और दोबारा परीक्षा कराने की मांग करने लगे। खरगे ने इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए यह बयान दिया। भाजपा ने कांग्रेस नेता पर पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का विरोध कर रहे छात्रों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है। इसके बाद अपने बयान पर सफाई देते हुए खरगे ने कहा कि उनकी टिप्पणी छात्रों के लिए नहीं, बल्कि भाजपा के राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के लिए थी। सरकार ने आरोपों को खारिज किया कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि ओएमआर शीट और प्रश्न पत्र के नंबरों का मेल खाना जरूरी नहीं है। केईए के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी के कारण छात्र भ्रमित हुए। केवल प्रश्न पत्र सीरीज और वर्जन कोड का ओएमआर शीट पर भरा जाना अनिवार्य है। यह परीक्षा भर में 1,453 सिविल पुलिस कांस्टेबल पदों को भरने के लिए आयोजित की गई थी। भाजपा और जेडीएस ने की इस्तीफे की मांग विपक्ष के नेता आर अशोक ने खड़गे के बयान की निंदा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि मंत्री छात्रों को पुलिस की लाठियां खाने की सलाह दे रहे हैं। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो पार्टी नीट जैसे मुद्दों पर छात्रों का समर्थन करने का दावा करती है, वह अब भर्ती परीक्षा के विरोध पर असंवेदनशील टिप्पणी करने वाले मंत्री का बचाव कर रही है। भाजपा ने खड़गे के बयान की कड़ी निंदा की है।

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