राज ठाकरे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई बड़े उद्योगपति भारत छोड़कर विदेश चले गए हैं. इसी संदर्भ में उन्होंने विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों कलाकार सार्वजनिक मंचों पर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते रहे हैं, लेकिन उन्होंने रहने के लिए दुबई को चुना.
क्या बोले राज ठाकरे?
एमएनएस चीफ ने कहा, ‘विवेक ओबेरॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक में उनकी भूमिका निभाई थी. अब वही विवेक ओबेरॉय दुबई में रहते हैं. आर. माधवन भी मोदी की खुलकर तारीफ करते हैं, लेकिन उनका घर भी दुबई में है. अगर आपको भारत से इतना प्यार है, अगर आपको लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी देश का विकास कर रहे हैं, तो फिर अपने परिवार के साथ विदेश में क्यों रह रहे हैं?’
राज ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कलाकार भारत में आकर सरकार समर्थित फिल्मों में काम करते हैं और फिर वापस दुबई लौट जाते हैं. उन्होंने फिल्म ‘धुरंधर’ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोग यहां काम करते हैं और बाद में विदेश जाकर बस जाते हैं.
हालांकि, दोनों अभिनेताओं ने पहले ही अपने दुबई में रहने की वजह सार्वजनिक रूप से बताई है. आर. माधवन ने कहा था कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपने बेटे के अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग करियर को बेहतर अवसर देने के लिए दुबई में रहने का फैसला किया. वहीं विवेक ओबेरॉय का कहना रहा है कि उन्होंने अपने कारोबार के विस्तार के लिए दुबई को चुना.
CJP आंदोलन और पीएम मोदी पर भी बोले राज ठाकरे
राज ठाकरे ने अपने भाषण के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए आंदोलन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह उचित नहीं था.
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें प्रधानमंत्री ने आंदोलन में शामिल युवाओं को ‘भटके हुए बच्चे’ बताते हुए उन्हें माफ करने और सही रास्ता दिखाने की बात कही थी. हालांकि, राज ठाकरे ने इसके साथ ही यह भी कहा कि यही संदेश भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री की इस बात से सहमत हूं कि किसी के खिलाफ इस स्तर की भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. लेकिन यह बात उन्हें अपनी पार्टी के लोगों से भी कहनी चाहिए.’
‘NEET सिर्फ चिंगारी, गुस्सा पहले से जमा था’
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की संस्कृति भाजपा के समर्थकों ने शुरू की. उन्होंने दावा किया कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर ठाकरे परिवार तक किसी को नहीं छोड़ा गया. यही वजह है कि आज कई अभिनेता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग खुलकर अपनी राय रखने से बचते हैं.
उन्होंने कहा, ‘जैसी करनी, वैसी भरनी. अगर आप दूसरों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो वही माहौल वापस भी आएगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि किसी की मां या परिवार को गाली देना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए.
राज ठाकरे ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि नीट पेपर लीक का मुद्दा केवल एक चिंगारी साबित हुआ. उनके मुताबिक, जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन को जिस तरह का समर्थन मिला, उसके पीछे वर्षों से लोगों के मन में जमा असंतोष और नाराजगी थी, जो इस आंदोलन के जरिए सामने आई.
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