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Ajwain Ke Fayde: घर में अजवाइन का पौधा आसानी से उगाने का सही तरीका जानिए. मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव और उद्यान विशेषज्ञ पवन सिंह के अनुसार अजवाइन न केवल रसोई का मसाला है, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर पौधा भी है. जानिए गमले में मिट्टी तैयार करने की सही विधि, बीजों की बुवाई, सिंचाई और धूप का प्रबंधन. इसके साथ ही समझें पाचन तंत्र सुधारने, गैस, अपच और सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए अजवाइन की पत्तियों और बीजों के बेहतरीन इस्तेमाल के घरेलू नुस्खे.

मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 को बताते हैं कि अजवाइन केवल मसाले के रूप में ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर पौधा भी है. इसे घर के गमले में आसानी से उगाया जा सकता है. इसकी पत्तियां और बीज दोनों उपयोगी होते हैं. यह पाचन सुधारने, गैस और पेट दर्द में राहत देता है. घर में लगाने का फायदा यह होता है कि अजवाइन का पौधा होने से जरूरत पड़ने पर ताजी पत्तियां तुरंत मिल जाती हैं.

उद्यान विशेषज्ञ पवन सिंह बताते हैं कि अजवाइन लगाने के लिए आठ से दस इंच गहरा गमला लेना चाहिए. जिसमें पानी निकलने का सही प्रबंध होना चाहिए. इसमें जो भी मिट्टी डालें उसमें दो भाग बगीचे की मिट्टी, एक भाग गोबर की सड़ी खाद और एक भाग रेत मिलाना चाहिए. बीजों को लगभग आधा सेंटीमीटर गहराई में बोकर ऊपर से हल्की मिट्टी डाल देनी चाहिए. पानी का हल्का छिड़काव कर दें.

अजवाइन के पौधे को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती है. मिट्टी सूखने लगे तभी सिंचाई करें. बहुत अधिक पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं. समय-समय पर खरपतवार हटाते रहें और महीने में एक बार जैविक खाद डाल दें. पौधे को बराबर धूप मिलती रहे तो इसकी बढ़वार अच्छी होती है. किसी भी रोग और कीट के दिखाई देने पर नीम के तेल का हल्का घोल छिड़क सकते हैं.

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जब भी आप पराठा, पकौड़ी, चटनी और सूप बना रहे हैं तो अजवाइन का इस्तेमाल करना चाहिए. इसके बीज मसाले के रूप में दाल, सब्जी और नमकीन व्यंजनों का स्वाद बढ़ाते हैं. कई लोग अजवाइन का पानी बनाकर भी पीते हैं. इसकी पत्तियों की खुशबू भोजन को स्वाद देती है.

अजवाइन का सबसे बड़ा लाभ पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में माना जाता है. भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में अजवाइन खाने से गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. कई लोग अजवाइन को हल्का भूनकर भी इस्तेमाल करते हैं. इसके प्राकृतिक तत्व पेट को आराम देते हैं.

घरेलू नुस्खों में अजवाइन का उपयोग बहुत पहले से किया जाता रहा है. सर्दी और नाक बंद होने पर अजवाइन की भाप लेना कई लोग लाभदायक मानते हैं. गुनगुने पानी के साथ अजवाइन का सेवन भी फायदेमंद होता है. इसकी पत्तियों का उपयोग हर्बल चाय बनाने में भी किया जाता है.

जब पौधा अच्छी तरह विकसित हो जाए तब इसकी पत्तियों को तोड़ सकते हैं. बीज पूरी तरह पकने और सूखने पर उनकी कटाई करनी चाहिए. बीजों को अच्छी तरह सुखाकर कांच और स्टील के सूखे डिब्बे में रखें ताकि नमी न लगने पाए. सही तरीके से इकट्ठा किए गए बीज लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं, ताकि अगले मौसम में इन्हीं बीजों का उपयोग किया जा सके.

अजवाइन का पौधा उगाना आसान है लेकिन इसकी सही देखभाल करना जरूरी होता है. गमले में पानी जमा न होने दें और जैविक खाद का ही उपयोग करना चाहिए. पौधे को पर्याप्त धूप और समय पर सिंचाई मिलती रहे तो अच्छी बढ़वार होती है. औषधीय उपयोग के लिए इसका सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में करना चाहिए.

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