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पटना: फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अब पटना से ही बड़ी शुरुआत करने का मौका मिलने जा रहा है. एक्टिंग, डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले लेखन, सिनेमैटोग्राफी और फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखने के लिए अब दिल्ली या मुंबई का रुख करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. राजधानी पटना में पहली बार इसके लिए खास वर्कशॉप आयोजित किया जा रहा है. इसमें देश के प्रतिष्ठित फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे से जुड़े एक्सपर्ट युवाओं को फिल्म निर्माण और अभिनय की
बारीकियों को सिखायेंगे. खास बात यह है कि यह वर्कशॉप न केवल भाग लेने वाले युवाओं के स्किल को निखारेगा, बल्कि उन्हें एफटीआईआई जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में एडमिशन लेने में भी सहूलियत प्रदान करेगा.

पटना में पहली बार हो रहा है आयोजन 
पटना का चर्चित हाउस ऑफ़ वेराइटी और नाट्य दल दस्तक के संयुक्त प्रयास से देश के प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे और सेंटर फॉर ओपन लर्निंग के सहयोग से पटना में पहली बार 5 से 11 अगस्त तक आठ दिवसीय स्क्रिप्ट टू स्क्रीन फिल्म मेकिंग वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा. हाउस ऑफ वैरायटी के एमडी सुमन सिन्हा ने लोकल 18 को बताया कि यह उन विद्यार्थियों, कलाकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और सिनेमा प्रेमियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है, जो फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया को सीखना चाहते हैं. इसका उद्देश्य आइडिया जेनरेशन से एक फिल्म के रूप में पर्दे तक पहुंचाने की सभी सभी क्रिएटिव और टेक्निकल प्रक्रिया से परिचित कराना है.

इन चीजों की मिलेगी ट्रेनिंग
पुणे स्थित फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के फैकल्टी सभी प्रतिभागियों को ट्रेनिंग देंगे. इसमें कहानी के चयन, स्क्रीनप्ले राइटिंग, सीन स्ट्रक्चर, डायलॉग राइटिंग और स्क्रिप्ट मेकिंग की बुनियादी तकनीकों की ट्रेनिंग दी जायेगी.

प्री-प्रोडक्शन सेशन में स्क्रिप्ट ब्रेकडाउन, शूटिंग प्लान और शेड्यूल तैयार करना, लोकेशन चयन, कास्टिंग, ऑडिशन और प्रोडक्शन मैनेजमेंट की जानकारी दी जाएगी. डायरेक्शन सेशन में डायरेक्टर की भूमिका, शॉट डिवीजन, कलाकारों के साथ कार्य करने की प्रक्रिया और विजुअल स्टोरीटेलिंग की तकनीकों पर विस्तार से समझाया जायेगा.

सिनेमैटोग्राफी के अंतर्गत कैमरे की समझ, कैमरा एंगल, कैमरा मूवमेंट, फ्रेमिंग, कम्पोज़िशन और लाइटिंग की बारीकियां सिखाई जायेगी. वहीं साउंड विभाग में डायलॉग रिकॉर्डिंग, एम्बिएंस रिकॉर्डिंग और साउंड डिज़ाइन की ट्रेनिंग मिलेगी.

इतना ही नहीं, इस वर्कशॉप में एक्टिंग ट्रेनिंग भी शामिल है. इसमें कैमरे के सामने एक्टिंग की बारीकियां, अभिनेता एवं निर्देशक के बीच कॉर्डिनेशन, सीन की तैयारी और रिहर्सल के प्रोसेस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा प्रतिभागियों को एडिटिंग के प्रिंसिपल, फुटेज चयन, कहानी को प्रभावी ढंग से एडिट करने की तकनीक और एडिटिंग सॉफ़्टवेयर से भी परिचय कराया जाएगा. पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में बैकग्राउंड म्यूज़िक, साउंड मिक्सिंग, कलर करेक्शन और अंतिम फिल्म तैयार करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

ट्रेनिंग के बाद शॉर्ट फिल्म भी बनाना होगा 
उन्होंने आगे बताया कि वर्कशॉप के आखिरी दिनों में प्रतिभागी ग्रुप बनाकर एक शॉर्ट फिल्म का भी निर्माण करेंगे. वे खुद से प्लानिंग करेंगे, शूटिंग करेंगे, एडिटिंग करेंगे और अंत में अपनी तैयार फिल्म का स्क्रीनिंग भी करेंगे. स्क्रीनिंग के बाद FTII के फैकल्टी मेंबर द्वारा फिल्मों की समीक्षा, फीडबैक और सुधार संबंधी सुझाव दिए जाएंगे.

फिल्मों में बनाना है करियर तो रहेगा फायदेमंद 
यह वर्कशॉप विशेष रूप से उन युवाओं के लिए उपयोगी होगा जो निर्देशन, पटकथा लेखन, सिनेमैटोग्राफी, अभिनय, कंटेंट क्रिएशन, यूट्यूब वीडियो प्रोडक्शन या स्वतंत्र फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं. इस वर्कशॉप के कोर्स डायरेक्टर प्रख्यात फिल्म शिक्षाविद् गिरिश जोटवाणी होंगे.

टाइमिंग और लोकेशन जान लीजिए 
आपको बता दें कि वर्कशॉप का आयोजन रिजेंट सिनेमा के बगल में स्थित द हब के पहले फ्लोर पर हाउस ऑफ़ वेराइटी में होगा. इसकी टाइमिंग प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा. वर्कशॉप का शुल्क ₹12,600 निर्धारित किया गया है. आयोजकों ने लिमिटेड सीटों के कारण इच्छुक प्रतिभागियों से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने का अनुरोध किया गया है. अधिक जानकारी और रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर 7209621567 पर कॉल करें या फिर info@houseofvariety.org पर ईमेल भी कर सकते हैं.

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