Machan Vidhi Karela Kheti: इरादे मजबूत हों और मेहनत करने का जज्बा हो, तो कोई भी राह मुश्किल नहीं होती. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की रहने वाली नीलू वर्मा ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है. एमएसडब्ल्यू (MSW) की पढ़ाई और नौकरी के साथ-साथ नीलू आधुनिक तरीके से करेले की खेती कर न सिर्फ अपनी पहचान बना रही हैं, बल्कि बेहतरीन मुनाफा भी कमा रही हैं. महज ₹1500 की लागत से मचान तकनीक के जरिए शुरू की गई यह खेती आज जिले के युवाओं और छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.
क्या है क्वालिफिकेशन और वर्क प्रोफाइल
लोकल 18 से बातचीत में नीलू वर्मा ने बताया कि वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं और इस समय एमएसडब्ल्यू डिप्लोमा की पढ़ाई कर रही हैं. इसके साथ ही वह पानी संस्थान में सीआरपी के पद पर भी कार्यरत हैं. नौकरी और पढ़ाई के बाद जो समय बचता है, उसमें वह परिवार के साथ खेत में काम करती हैं. उनका कहना है कि खेती से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला है और परिवार की आय भी बढ़ रही है.
कितने रकबे में और किस तकनीक से कर रही हैं खेती
नीलू ने बताया कि इस समय वह करीब 10 बिस्सा जमीन में करेले की खेती कर रही हैं. खेती के लिए उन्होंने मचान विधि अपनाई है. इस तकनीक में बेलों को ऊपर सहारा देकर फैलाया जाता है, जिससे पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है. इससे फल की गुणवत्ता अच्छी रहती है और उत्पादन भी बढ़ता है.
लागत कम और मुनाफा ज्यादा: कितनी हुई कमाई
नीलू वर्मा बताती हैं कि 10 बिस्सा में करेले की खेती करने में करीब 1500 रुपये की लागत आई है. पिछले एक से दो सप्ताह से करेले की तुड़ाई शुरू हो चुकी है. अब तक उन्हें लगभग 3 से 4 हजार रुपये की आमदनी हो चुकी है. उनका कहना है कि अभी फसल की तुड़ाई आगे भी जारी रहेगी, इसलिए आने वाले दिनों में और अच्छी कमाई होने की उम्मीद है.
भविष्य की योजनाएं और युवाओं के लिए संदेश
नीलू वर्मा का सपना है कि भविष्य में वह करेले की खेती का दायरा और बढ़ाएं और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके ज्यादा उत्पादन लें. उनका मानना है कि यदि किसान सही जानकारी और नई विधियों को अपनाएं, तो कम जमीन में भी अच्छी कमाई की जा सकती है. नीलू की यह मेहनत आज जिले की बेटियों के लिए एक मिसाल बन गई है और यह संदेश देती है कि पढ़ाई और खेती दोनों को साथ लेकर भी सफलता हासिल की जा सकती है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…
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