Image Slider

आज आपका दिन मंगलमय हो!

 

 

आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।

 

 

सोमवार, 27 जुलाई 2026 का दैनिक पंचांग, तिथि और शुभ-अशुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:

 

विशेष व्रत, त्योहार एवं पुण्यतिथि

मंगला तेरस / सोम प्रदोष व्रत का प्रभाव: (त्रयोदशी तिथि का मुख्य संबंध महादेव की पूजा से है। सोमवार के दिन यह तिथि होने से इसका धार्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है।)

 

विजया-पार्वती व्रत: (माता पार्वती की विशेष पूजा का दिन, जो अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है।)

 

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पुण्यतिथि: (भारत के मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम की स्मृति का दिन।)

 

आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी

 

पंचांग के मुख्य अंग (वैदिक गणना)

वार: सोमवार

 

तिथि: आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी (रात 11:27 तक, इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी)।

 

पक्ष: शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha)

 

मास: श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत)

 

ऋतु: वर्षा ऋतु (Monsoon)

 

विक्रम संवत: 2083

 

शक संवत: 1948

 

नक्षत्र, योग और करण

नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (Purvashadha) – शाम 07:34 तक (इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र)

 

योग: वैधृति (Vaidhriti) – सुबह 09:56 तक (इसके बाद विष्कम्भ योग)

 

करण: गर (Gara) – दोपहर 12:27 तक (इसके बाद वणिज करण)

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय: सुबह 05:40

 

सूर्यास्त: शाम 07:15

 

चन्द्र राशि: धनु राशि (Dhanu Rashi) में अहोरात्र (पूरा दिन और रात)

 

सूर्य राशि: कर्क राशि (Karka Rashi) में

 

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:56 तक (यह समय किसी भी नए, सामाजिक या धार्मिक कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।)

 

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:45 से 03:39 तक

 

अमृत काल: दोपहर 02:02 से 03:35 तक

 

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:18 से 04:59 तक

 

आज के अशुभ समय (Avoid Windows)

राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 07:21 से 09:03 तक (इस समय के दौरान किसी भी नए काम की शुरुआत या पैसों के बड़े लेन-देन से बचना चाहिए।)

 

यमगण्ड: सुबह 10:45 से दोपहर 12:27 तक

 

गुलिक काल: दोपहर 02:10 से 03:52 तक

 

दिशाशूल और उपाय

दिशाशूल: पूर्व दिशा (आज के दिन पूर्व दिशा की ओर लंबी यात्रा करने से बचें।)

 

निवारण/उपाय: यदि आज पूर्व दिशा में यात्रा करना बहुत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले आईने (दर्पण) में अपना चेहरा देखें या थोड़ा सा दूध पीकर निकलें और भोलेनाथ का स्मरण करें।

 

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||