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Roof Leakage Solution: बरसात में छत से पानी टपकना और दीवारों में सीलन आना कई घरों की आम समस्या बन जाती है. अगर समय रहते इसका समाधान न किया जाए तो छत और दीवारों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में वॉटरप्रूफ कोटिंग एक प्रभावी उपाय मानी जाती है, जो बारिश के पानी को रिसने से रोकने के साथ छत को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करती है. जानिए यह कोटिंग कैसे की जाती है, कितने साल तक असरदार रहती है और इससे आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं.

Roof Leakage Solution: बरसात का मौसम राहत लेकर आता है, लेकिन कई घरों में इसी दौरान सबसे बड़ी परेशानी छत से पानी टपकने और सीलन की शुरू हो जाती है. अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो दीवारों का प्लास्टर उखड़ने लगता है, कमरे नम हो जाते हैं और छत भी धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है. ऐसे में वॉटरप्रूफ कोटिंग एक आसान और असरदार उपाय माना जाता है, जो छत को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है.

आगरा में वॉटरप्रूफ कोटिंग का काम करने वाले कारीगर नरेश बताते हैं कि आजकल नई ही नहीं, पुरानी छतों पर भी बड़ी संख्या में लोग वॉटरप्रूफ कोटिंग करवा रहे हैं. यह कोटिंग छत की महीन दरारों को भरने में मदद करती है और बारिश का पानी अंदर रिसने से रोकती है. इससे सीलन, प्लास्टर झड़ने और छत कमजोर होने जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचाव हो सकता है.

एक बार करवाने पर कई साल तक मिलता है फायदा
कारीगर के मुताबिक, अगर अच्छी गुणवत्ता की सामग्री से सही तरीके से वॉटरप्रूफ कोटिंग की जाए तो इसका असर करीब 10 से 12 साल तक बना रह सकता है. इससे बार-बार मरम्मत कराने की जरूरत नहीं पड़ती और छत लंबे समय तक सुरक्षित रहती है.
उन्होंने बताया कि इस कोटिंग के बाद बारिश का पानी छत पर जमा होने के बजाय ढलान के जरिए नालियों में निकल जाता है. इससे पानी रिसने की संभावना कम हो जाती है. साथ ही छत की सतह भी साफ रहती है और दरारें बनने का खतरा भी घट जाता है.

इस तरह की जाती है वॉटरप्रूफ कोटिंग
कारीगर नरेश बताते हैं कि सबसे पहले पूरी छत को अच्छी तरह साफ किया जाता है, ताकि उस पर धूल, गिट्टी या कंकड़ न रह जाए. इसके बाद सबसे पहले प्राइमर लगाया जाता है और उसे पूरी तरह सूखने दिया जाता है. इसके बाद वॉटरप्रूफ कोटिंग की अलग-अलग परतें लगाई जाती हैं. जरूरत पड़ने पर डेंटप्रूफ लेयर भी लगाई जाती है, जिससे कोटिंग और मजबूत हो जाती है. यह परतें छत को दरार, सीलन और बारिश के पानी से लंबे समय तक बचाने में मदद करती हैं.

अगर आपकी छत से हर बारिश में पानी टपकता है या दीवारों में सीलन आने लगी है, तो समय रहते उसकी जांच कराकर जरूरी मरम्मत या वॉटरप्रूफ कोटिंग करवाना आपके लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है. इससे भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान और अधिक खर्च से भी बचा जा सकता है.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …

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