मुंबई, पालघर, रायगढ़, ठाणे और घाट क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी है. (AP)
- देशभर में मौसम की इस नई सक्रियता के पीछे मानसून टर्फ की स्थिति, बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और कई क्षेत्रों में बन रहे स्थानीय सिस्टम को जिम्मेदार माना जा रहा है. स्काईमेट के अनुसार मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटीय राज्यों में बारिश का दायरा तेजी से बढ़ेगा. वहीं उत्तर भारत में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कई स्थानों पर तेज बारिश देखने को मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिन आपदा प्रबंधन एजेंसियों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं.
- मौसम विभाग ने साफ किया है कि बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है. ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे लोगों और खुले मैदानों में मौजूद लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी.
दिल्ली-NCR में बादलों की दस्तक, लेकिन झमाझम बारिश का इंतजार
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा. आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. हालांकि फिलहाल राजधानी में बहुत भारी बारिश का अनुमान नहीं है. अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री के बीच रहने की संभावना है. बादलों की वजह से उमस में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन हवा में नमी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने लोगों को मौसम में अचानक बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी है.
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और 60 KMPH तक तेज हवाओं का खतरा
बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका, कई जिलों में भारी बारिश
बिहार में अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. पटना, सिवान, सारण, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, सहरसा और सुपौल सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कई स्थानों पर तेज हवा और बिजली गिरने की भी आशंका है. लगातार बारिश से गंडक, कोसी, बागमती और गंगा से जुड़े इलाकों में जलस्तर बढ़ सकता है. प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है.
राजस्थान के दक्षिण और पूर्वी जिलों में मानसून दिखाएगा दम
राजस्थान में अगले चार से पांच दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार अजमेर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा की भी संभावना जताई गई है. जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी. बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
मध्य प्रदेश में गरज-चमक, बिजली और तेज बारिश का डबल अटैक
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले 48 घंटे के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना है. विदर्भ से सटे इलाकों, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से लगे जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. कई स्थानों पर आंधी, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है.
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, बांध उफान पर और फिर भारी बारिश की चेतावनी
गुजरात में मानसून सबसे ज्यादा चुनौती बनकर सामने आया है. नवसारी, तापी, वलसाड और दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. जूज और केलिया बांध ओवरफ्लो हो चुके हैं, जिससे पूर्णा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है. IMD के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटों के दौरान दक्षिण और मध्य गुजरात में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. कई जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं और एनडीआरएफ तथा स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है.
अजमेर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. (AP)
महाराष्ट्र में घाट क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, रेल सेवा भी प्रभावित
महाराष्ट्र में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है. मुंबई, पालघर, रायगढ़, ठाणे और घाट क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी है. पश्चिम रेलवे के अनुसार दहानू रोड और वलसाड के बीच कई स्थानों पर ट्रेनों की आवाजाही एहतियात के तौर पर नियंत्रित करनी पड़ी. पालघर में रातभर हुई बारिश से कई गांवों और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन गई. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है. प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है.
पूर्वोत्तर में नदियां उफान पर, भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ा
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं. IMD ने इन सभी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग, अंजाव, तिरप और लोंगडिंग जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है. पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका बनी हुई है. लोगों को गैर-जरूरी यात्रा टालने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
दक्षिण भारत: तटीय राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट
दक्षिण भारत में भी मौसम पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. केरल, तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. पश्चिमी घाट से लगे इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में बने कमजोर लो-प्रेशर सिस्टम का असर पूरे राज्य में दिखाई देगा. कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. केरल और कर्नाटक के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है.
अगले 48 घंटे सबसे ज्यादा किन राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं?
मौसम विभाग के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहेंगे. इन राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं, बिजली गिरने, जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं.
क्या दिल्ली-एनसीआर में भी भारी बारिश होगी?
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश का स्पष्ट अनुमान नहीं है. हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. इससे तापमान में कमी आएगी और उमस से कुछ राहत मिलेगी.
पहाड़ी राज्यों में सबसे बड़ा खतरा क्या है?
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा सबसे अधिक है. ऐसे इलाकों में यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.
खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाने से बचें. नदी और नालों के किनारे न जाएं. मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का लगातार पालन करें.
बारिश का यह दौर कितने दिन तक जारी रह सकता है?
IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण आने वाले कई दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. हालांकि हर राज्य में इसकी तीव्रता अलग-अलग होगी. पूर्वोत्तर, पश्चिमी तट और मध्य भारत में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है.
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