NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के बवाल पर मशहूर लेखक चेतन भगत ने News18 India से एक्सक्लूसिव बातचीत में व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. चेतन भगत का मानना है कि किसी मंत्री की कुर्सी छिनने से समस्या खत्म नहीं होगी बल्कि यह तो अस्थाई मरहम जैसा है. जब तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और पूरी परीक्षा प्रणाली को जड़ से नहीं सुधारा जाएगा, अगले साल फिर यही मंजर देखने को मिलेगा.
उन्होंने देश के युवाओं के दर्द को समझते हुए कहा कि छात्रों का गुस्सा सिर्फ पर्चा आउट होने का नहीं, बल्कि टूटते भरोसे का है. सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस में ज़मीन-आसमान का फर्क ही इस फर्जीवाड़े और रिश्वतखोरी को जन्म देता है. चेतन भगत के मुताबिक, देश में जब कई बड़े संस्थान सही तरीके से काम कर सकते हैं, तो परीक्षा सिस्टम क्यों नहीं? अब ज़रूरत युवाओं को झूठे दिलासे देने की नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और सीधे संवाद की है.
NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के बवाल पर मशहूर लेखक चेतन भगत ने News18 India से एक्सक्लूसिव बातचीत में व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. चेतन भगत का मानना है कि किसी मंत्री की कुर्सी छिनने से समस्या खत्म नहीं होगी बल्कि यह तो अस्थाई मरहम जैसा है. जब तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और पूरी परीक्षा प्रणाली को जड़ से नहीं सुधारा जाएगा, अगले साल फिर यही मंजर देखने को मिलेगा.
उन्होंने देश के युवाओं के दर्द को समझते हुए कहा कि छात्रों का गुस्सा सिर्फ पर्चा आउट होने का नहीं, बल्कि टूटते भरोसे का है. सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस में ज़मीन-आसमान का फर्क ही इस फर्जीवाड़े और रिश्वतखोरी को जन्म देता है. चेतन भगत के मुताबिक, देश में जब कई बड़े संस्थान सही तरीके से काम कर सकते हैं, तो परीक्षा सिस्टम क्यों नहीं? अब ज़रूरत युवाओं को झूठे दिलासे देने की नहीं, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था और सीधे संवाद की है.
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