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पूर्व अमेरिकी नौसैनिक जॉर्डन ब्राउन 100 दिन भारत में घूमने के बाद नेपाल सीमा पर पकड़ा गया. सुरक्षा एजेंसियां उसकी यात्रा की जांच कर रही हैं. उसका इस तरह घूमने से वो सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है.

100 दिन तक भारत के तमाम शहरों में घूमता रहा पूर्व अमेरिकी नौसैनिकZoom

जांच एजेंसियां लगातार कर रही हैं पूछताछ.

नई दिल्ली. नेपाल सीमा के पास सोनौली से पुलिस ने अमेरिकी नागरिक और पूर्व नौसेना कर्मी जॉर्डन ब्राउन को गिरफ्तार किया है, जो देश में करीब 100 दिन घूम रहा था. इस दौरान कई शहरों को शहरों में रुका था. अब वो सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है. जांच एजेंसियां अब पूरे रूट को दोबारा खंगालना शुरू कर दिया है. अधिकारियों का मानना है कि इतने कम समय में कई राज्यों में लगातार आवाजाही संदेह पैदा करती है. उसकी पूरी यात्रा सामान्य पर्यटक जैसी नहीं लगती है.

सीएनएन-न्‍यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार जॉर्डन ब्राउन 28 मार्च से 7 मई तक गोवा के कनाकोना में रहा. इसके बाद वह 14 मई से 7 जुलाई तक कर्नाटक के मैसुरु में ठहरा. फिर उसने 8 जुलाई को बेंगलुरु और 9 जुलाई को हैदराबाद की यात्रा की. जांच में सामने आया है कि 10 जुलाई को उसने एक ही दिन में मध्य प्रदेश के बंडोल और सिवनी होते हुए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक का सफर किया. इसके अगले दिन 11 जुलाई, वह सोनौली सीमा के पास भगवानपुर इलाके पकड़ा गया. जहां पर वह अधिकृत रास्ते के बजाय दूसरे मार्ग से नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था. उसे सोनौली से गिरफ्तार किया गया है.

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि जॉर्डन की सफर का तरीका कई सवाल खड़े करता है. उसने बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों का भी तेजी किया, इसलिए अब यह पता लगाया जा रहा है कि इसका उद्देश्य क्या था और वह किन लोगों के संपर्क में था.

महाराजगंज पुलिस की पूछताछ रिपोर्ट में भी कई ऐसे तत्‍थ सामने आए हैं, जिनकी जांच हो रही है. अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान उसका व्यवहार नार्मल नहीं लगा. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं वह पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) या किसी अन्य मानसिक समस्या से तो नहीं जूझ रहा है. साथ ही लंबे समय तक नशीले पदार्थों के सेवन की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है.

जांच एजेंसियां उसके पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों के गायब होने की वजह भी तलाश रही हैं. यह पता लगाया जा रहा है कि दस्तावेज वास्तव में खो गए थे या फिर पहचान छिपाने के लिए जानबूझकर ऐसा कर रहा है. इसके अलावा उसकी पहचान भारत आने के उद्देश्य और यात्रा से जुड़े अलग-अलग बयानों का भी मिलान किया जा रहा है. फिलहाल केंद्रीय और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर एंगल की जांच कर रही है.

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Sharad Pandeyविशेष संवाददाता

करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

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