आषाढ़ी बीज (द्वितीया) के मौके पर आज भगवान जगन्नाथ उदयपुर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देश की तीसरी सबसे बड़ी और राजस्थान की सबसे बड़ी निकलेगी। मंदिर स्थापना के बाद इतिहास में पहली बार 375 साल पुराने ऐतिहासिक लकड़ी के रथ को भी इस यात्रा में शामिल होगा। र थयात्रा को लेकर शहर के जगदीश चौक में पूरा उदयपुर जुटा हुआ है। हजारों की संख्या में यहां भक्त पहुंचे है। भगवान के जयकारा लगाते हुए भक्त यहां पर झुम रहे है। रजत और लकड़ी के दोनों रथों की पूजा के बाद अब भगवान नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इस पुराने लकड़ी के रथ में भगवान जुगल जोड़ी सरकार विराजमान होंगे। आज से एक और बड़ी परंपरा शुरू हो रही है। 70 साल बाद फिर से मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की ओर से भगवान जगन्नाथ को खास शाही पोशाक धारण करवाई जाएगी। सिटी पैलेस से पारंपरिक ठाट-बाठ के साथ यह पोशाक गुरुवार शाम को मंदिर लाई गई। पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ छेरा पहरा यानी बुहारने की रस्म निभाकर रथयात्रा में महाआरती करेंगे।
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