आइए यहां जानते हैं आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि की 10 महाविद्या और उनके मंत्र
किस दिन होगी किस देवी की साधना?
गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों में देवियों की आराधना का एक खास क्रम होता है। आइए जानते हैं किस दिन आपको किस महाशक्ति की पूजा करनी है:
पहला दिन: मां काली की साधना
दूसरा दिन: मां तारा और मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा
तीसरा दिन: मां भुवनेश्वरी की आराधना
चौथा दिन: मां छिन्नमस्ता की साधना
पांचवां दिन: मां त्रिपुरभैरवी की पूजा
छठा दिन: मां धूमावती की आराधना
सातवां दिन: मां बगलामुखी की साधना
आठवां दिन: मां मातंगी की पूजा
नौवां दिन: मां कमला की पूजा
जानें 10 महाविद्याएं और उनके अचूक सिद्ध मंत्रALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि कब से कब तक रहेगी?
इन दिव्य मंत्रों का जाप शांत मन और पूरी श्रद्धा के साथ करने से आप चमत्कारिक फल पा सकते हैं।
काली : ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं दक्षिण कालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं ह्रीं हूं हूं स्वाहा:। अथवा ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा।
तारा : ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्।
त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।
भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।
त्रिपुरभैरवी : ह स: हसकरी हसे।’
धूमावती : धूं धूं धूमावती ठ: ठ:।
बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
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