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प्रभारी पर्यटन अधिकारी पारिजात पांडे ने लोकल 18 को बातचीत में बताया कि अमेठी को धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रकृति पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके लिए जिले के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्यटन विकास परियोजनाएं संचालित हैं. जायस स्थित बाबा गोरखनाथ की तपोस्थली का विकास कराया जा रहा है. यहां गुरु गोरखनाथ की बैठी हुई योग मुद्रा में 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा निर्माण और गौरीगंज की हनुमानगढ़ी गौरा का पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. इसी प्रकार, बहादुरपुर विकासखंड के ग्राम पीढ़ी स्थित तपेश्वर नाथ धाम मंदिर और परम संत कबीर साहेब की बैठका का भी कायाकल्प किया जा रहा है.

अमेठी: प्रदेश के 72 में जिले के रूप में विकसित अमेठी पर्यटन क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है पर्यटन क्षेत्र में भी अमेठी को विकास क्षेत्र के नए-नए पंख लग रहे हैं और अमेठी जिले में पर्यटन परियोजनाओं को करोड़ों रुपए खर्च कर विकसित किया जा रहा है. अमेठी जिले में प्रमुख ऐसी पर्यटन परियोजनाएं हैं. जिनको विकसित करने के लिए अब करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे इन पर्यटन परियोजनाओं में पर्यटकों के लिए हर उत्सुक सुविधा को मजबूत किया जाएगा. जो पर्यटन के साथ-साथ लोगों के लिए रोजगार का साधन भी बनेंगे.

2017 से लेकर अब तक कई  पर्यटन परियोजनाओं को गति मिली हैं धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष फोकस किया गया. वर्ष 2017 से वित्तीय वर्ष 2026-27 तक करीब 30.39 करोड़ रुपए की पर्यटन परियोजनाएं स्वीकृत हुईं. इससे पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हुआ. प्रमुख धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराया गया. ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिला. लगातार हो रहे विकास कार्यों से अमेठी अब प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है.

धार्मिक स्थल के रूप में हो रहा है विकसित

प्रभारी पर्यटन अधिकारी पारिजात पांडे ने लोकल 18 को बातचीत में बताया कि अमेठी को धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रकृति पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके लिए जिले के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्यटन विकास परियोजनाएं संचालित हैं. जायस स्थित बाबा गोरखनाथ की तपोस्थली का विकास कराया जा रहा है. यहां गुरु गोरखनाथ की बैठी हुई योग मुद्रा में 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा निर्माण और गौरीगंज की हनुमानगढ़ी गौरा का पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. इसी प्रकार, बहादुरपुर विकासखंड के ग्राम पीढ़ी स्थित तपेश्वर नाथ धाम मंदिर और परम संत कबीर साहेब की बैठका का भी कायाकल्प किया जा रहा है.

मुसाफिरखाना के ग्राम नारा अढ़हनपुर स्थित बाबा महावीर दास मंदिर को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. वहीं, काटूनाला वन्यजीव क्षेत्र को इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है उन्होनें  कहा कि इन परियोजनाओं से अमेठी का पर्यटन परिदृश्य बदलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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