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shani ki vakri chaal: न्याय के देवता शनि ग्रह वर्तमान में बृहस्पति की राशि मीन में विराजमान हैं, जहाँ वे 3 जून 2027 तक रहेंगे। इस बीच 27 जुलाई 2026 की रात से 11 दिसंबर 2026 की सुबह तक शनिदेव पूरे 138 दिनों के लिए वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं। शनि की इस टेढ़ी चाल का सभी 12 राशियों पर कैसा और क्या असर पड़ेगा, आइए नए अंदाज में संक्षिप्त में जानते हैं।

मेष से कर्क: किसे राहत, कहाँ रुकावट?

मेष राशि: साढ़ेसाती के प्रथम चरण में और द्वादश भाव में वक्री शनि आपकी बेवजह की भाग-दौड़ और खर्चों पर लगाम लगाएंगे। हालांकि, बिजनेस और नौकरी की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है। बनते काम अचानक अटकने से धैर्य रखना होगा।

 

वृषभ राशि: आपकी राशि के लिए योगकारक शनि अब लाभ भाव में वक्री हो रहे हैं। धन लाभ तो होगा, लेकिन उसकी गति धीमी पड़ जाएगी। भाग्य का साथ थोड़ा कम मिलेगा और पिता या वरिष्ठों से सहयोग पाने में कठिनाई होगी।
 

मिथुन राशि: कर्म भाव में शनि का वक्री होना आपके लिए वरदान जैसा है। वैवाहिक अनबन दूर होगी और बेरोजगारों को नई नौकरी मिल सकती है। सरकारी अड़चनें दूर होंगी, बस कार्यस्थल पर लापरवाही से बचें।
 

कर्क राशि: भाग्य भाव में शनि की उल्टी चाल से दैनिक रोजगार में मामूली अड़चनें आ सकती हैं। पिता की सेहत या करियर को लेकर नई चिंताएं उभर सकती हैं, लेकिन अपनी जागरूकता से आप स्थिति को संभाल लेंगे।

सिंह से वृश्चिक: ढैया का असर और चुनौतियों का सामना

सिंह राशि: अष्टम भाव (शनि की ढैया) में वक्री होने से शनि आपकी पुरानी परेशानियों को कम करेंगे। अटके हुए काम अचानक पूरे होंगे और जीवनसाथी के साथ विवाद थमेगा। विद्यार्थियों के लिए समय बेहतर होगा।
 

कन्या राशि: सप्तम भाव के शनि अब कम परेशान करेंगे। जीवनसाथी से अनबन खत्म होगी और दैनिक रोजगार चमकेगा। हालांकि, लव लाइफ में थोड़ी अड़चनें आ सकती हैं और कंपटीशन का स्तर बढ़ सकता है।
 

तुला राशि: छठे भाव में वक्री होने से शनिदेव की शुभता का ग्राफ थोड़ा गिर सकता है। सुख-सुविधाएं होते हुए भी आप मानसिक रूप से उनका आनंद नहीं ले पाएंगे। लव लाइफ और पारिवारिक मोर्चे पर थोड़ा तनाव संभव है।
 

वृश्चिक राशि: पंचम भाव के वक्री शनि संतान के साथ चल रही गलतफहमियों को दूर करेंगे। यदि पुराने निवेश में घाटा हो रहा था, तो सुधार का मौका मिलेगा। यात्राओं में सावधानी रखें।

धनु से मीन: साढ़ेसाती का प्रभाव और आर्थिक फेरबदल

धनु राशि: चौथे भाव (शनि की ढैया) में शनि का वक्री होना राहत देगा। अनचाहा ट्रांसफर टल जाएगा, सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी और सीने के रोगों से आराम मिलेगा। हालांकि, धन के मामलों में थोड़ा असंतोष रह सकता है।
 

मकर राशि: आपकी राशि के स्वामी शनि तीसरे भाव में वक्री हो रहे हैं। स्वास्थ्य का ख्याल रखना बेहद जरूरी होगा। आर्थिक लाभ का ग्राफ थोड़ा धीमा रहेगा। मित्रों और भाइयों से संबंध मधुर बनाकर रखें।

कुंभ राशि: साढ़ेसाती के अंतिम चरण में दूसरे भाव के वक्री शनि आपको मिला-जुला फल देंगे। पारिवारिक कलह और धन हानि रुकने का रास्ता मिलेगा। हालांकि, शारीरिक कमजोरी और विदेशी मामलों में बाधाएं आ सकती हैं।
 

मीन राशि: आपकी राशि में ही शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। यहाँ वक्री शनि पुरानी बीमारियों और आर्थिक रुकावटों को तो दूर करेंगे, लेकिन कोई नई चुनौती भी खड़ी कर सकते हैं। आलस्य से बचें और सेहत का ध्यान रखें।

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