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सरकार की ओर से की गई बलिदानी दिनेशपुर और पार्क नामकरण की घोषणा अब भी अधूरी


ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एलओसी पर थे तैनात, शौर्य और बलिदान पर गांव, प्रदेश और पूरे देश को गर्व

संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह वीर सपूतों के नाम नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित किए गए हैं। इनमें पलवल जिले के गांव नंगला मोहम्मदपुर निवासी लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा का नाम भी शामिल है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद का नाम अंकित होने से परिवार और ग्रामीणों ने गर्व जताते हुए सरकार का आभार जताया है। हालांकि, इस सम्मान के बीच मुख्यमंत्री द्वारा गांव में की गई कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं अब भी अधूरी हैं।

लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की सुरक्षा में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान की ओर से हुई भारी गोलाबारी में उन्होंने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। मातृभूमि की रक्षा करते हुए वह वीरगति को प्राप्त हुए। उनके सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में राष्ट्र ने उनका नाम नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित कर अमर कर दिया। उनके शौर्य और बलिदान पर गांव, जिला, प्रदेश और पूरे देश को गर्व है।

शहीद की पत्नी बोलीं, हम सभी को गर्व है : शहीद की पत्नी सीमा देवी ने कहा, मेरे पति ने देश के लिए जो बलिदान दिया, उस पर मुझे, इस गांव को और पूरे देश को गर्व है। मैं सरकार का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने हमें इतना बड़ा सम्मान दिया। दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर उनके नाम को अंकित किया गया है और मुझे शिक्षा विभाग में क्लर्क की नौकरी दी गई है। उन्होंने बताया कि उनकी शादी 22 जनवरी 2017 को दिनेश कुमार शर्मा के साथ हुई थी। वह बेहद देखभाल करने वाले, ईमानदार और परिवार के प्रति समर्पित इंसान थे। गांव के हर व्यक्ति से उनके मधुर संबंध थे और सभी उनका सम्मान करते थे। सीमा देवी ने कहा, मैं अपने बच्चों को देश सेवा के लिए प्रेरित करूंगी। यदि वे चाहेंगे तो मैं उन्हें सेना में भेजूंगी, ताकि वे भी अपने पिता की तरह देश की सेवा कर सकें। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सीएम भी शहादत के बाद पहुंचे थे नंगला मोहम्मदपुर गांव : राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान के बावजूद गांव में मुख्यमंत्री द्वारा की गई कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। शहादत के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं 15 मई 2025 को नंगला मोहम्मदपुर गांव पहुंचे थे। उन्होंने शहीद के परिवार को चार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को शिक्षा विभाग में क्लर्क की सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी, जिसे पूरा कर दिया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गांव का नाम बदलकर बलिदानी दिनेशपुर रखने तथा गांव के पार्क का नाम ऑपरेशन सिंदूर बलिदानी दिनेश कुमार पार्क रखने की भी घोषणा की थी।

गांव का बदलने की मांग : ग्रामीणों ने कहा कि गांव का नाम बदलकर बलिदानी दिनेशपुर रखने और पार्क का नाम ऑपरेशन सिंदूर बलिदानी दिनेश कुमार पार्क करने की घोषणा पर अब तक अमल नहीं हुआ है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद का नाम अंकित होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है, लेकिन गांव में की गई घोषणाओं को भी जल्द पूरा किया जाना चाहिए ताकि शहीद के सम्मान में घोषित सभी कार्य धरातल पर दिखाई दें। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को शीघ्र लागू किया जाए और गांव का नाम बलिदानी दिनेशपुर तथा पार्क का नाम ऑपरेशन सिंदूर बलिदानी दिनेश कुमार पार्क रखा जाए, ताकि शहीद के बलिदान को स्थायी सम्मान मिल सके और आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा प्राप्त करती रहें।

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