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-एनएचएसआरसीएल ने नोएडा प्राधिकरण को सौंपा अलाइनमेंट, एक माह में पूरा होगा विस्तृत सर्वे-
-नोएडा में बनेंगे तीन बुलेट ट्रेन स्टेशन, मेट्रो और हाई स्पीड रेल के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
-यूटिलिटी शिफ्टिंग से लेकर भू-उपयोग तक शुरू हुई तैयारी, दिल्ली-पूर्वांचल की यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना को लेकर नोएडा में तैयारियां तेज हो गई हैं। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने परियोजना का अलाइनमेंट नोएडा प्राधिकरण को सौंप दिया है। इसके साथ ही मंगलवार को एनएचएसआरसीएल और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक कर प्रस्तावित रूट का भौतिक निरीक्षण भी शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार अगले एक महीने में विस्तृत सर्वेक्षण पूरा कर निर्माण संबंधी आगे की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।

परियोजना के तहत प्रस्तावित रूट पर मौजूद विभिन्न सरकारी और निजी यूटिलिटीज का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। सर्वे के दौरान यह देखा जा रहा है कि जलापूर्ति पाइपलाइन, सीवर नेटवर्क, बिजली की लाइनें, गैस पाइपलाइन तथा ऑप्टिकल फाइबर केबल किन स्थानों पर परियोजना के मार्ग में आ रही हैं और इन्हें किस प्रकार सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके लिए पहले ही डिजिटल मैपिंग और जियो-ग्राफिकल सर्वे का कार्य शुरू किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए, इसलिए सभी यूटिलिटीज की सटीक लोकेशन चिन्हित की जा रही है। जिन लाइनों को शिफ्ट करना आवश्यक होगा, उनका पूरा खर्च नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड वहन करेगा।

नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए.के. अरोड़ा ने बताया कि एनएचएसआरसीएल ने प्रस्तावित अलाइनमेंट की जानकारी प्राधिकरण को उपलब्ध करा दी है। इसके आधार पर संबंधित भूमि का भू-उपयोग, उपलब्धता और अन्य आवश्यक विवरण भी कॉरपोरेशन को सौंप दिए गए हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी की जा सके। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान एनएचएसआरसीएल की टीम को बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक प्रस्तावित एक्वा मेट्रो लिंक लाइन की जानकारी भी दी गई। प्राधिकरण ने अनुरोध किया है कि बुलेट ट्रेन और मेट्रो परियोजना के ट्रैक के बीच पर्याप्त दूरी सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में दोनों परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव में किसी प्रकार की समस्या न आए।

दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल परियोजना देश की प्रमुख बुनियादी ढांचा योजनाओं में शामिल है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली, नोएडा, उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है। नोएडा में सर्वे और अलाइनमेंट की प्रक्रिया शुरू होने को परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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