Image Slider

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जम्मू-कश्मीर के दो केंद्रीय कारागारों के बाद अन्य जेलों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ाने जा रहा है। बल ने बताया कि उसे जल्द ही केंद्र शासित प्रदेश की पांच अन्य जेलों की भी सुरक्षा सौंपी जाएगी। इनमें उच्च सुरक्षा जेल, महानपुर (कठुआ), जिला जेल जम्मू, अनंतनाग, कुपवाड़ा और बारामूला शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर की आंतरिक सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीआईएसएफ अक्तूबर 2023 से केंद्रीय कारागार श्रीनगर और जम्मू की कोट भलवाल स्थित केंद्रीय जेल की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही थी। तब से अब तक बल ने प्रशिक्षित जवानों और आधुनिक सर्विलांस सिस्टम की मदद से इन संवेदनशील जेलों की भीतरी और बाहरी सुरक्षा को अभेद्य बनाया है। पहले इन जेलों में कैदियों तक संचार उपकरण (मोबाइल, सिम कार्ड) और नशीले पदार्थ पहुंचाने की कई कोशिशें होती थीं। सीआईएसएफ की तैनाती के बाद से एक सख्त और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र लागू किया गया है, जिसने सुरक्षा में सेंधमारी और तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगा दी है।

वर्तमान मॉडल की प्रभावशीलता को देखते हुए, अब पूरे जम्मू-कश्मीर में एक समान और पेशेवर सुरक्षा ढांचा तैयार करने के लिए सीआईएसएफ की सुरक्षा छतरी का विस्तार किया जा रहा है। आतंकवाद और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कैदियों वाली इन उच्च सुरक्षा जेलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीआईएसएफ अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें नॉन-लीनियर जंक्शन डिटेक्टर, जिनकी मदद से छिपे हुए इलेक्ट्रॉनिक सर्किट का पता लगाया जा सकता है।

डुअल-व्यू एक्स-रे बैगेज सिस्टम से सामान की बारीकी से जांच की जा सकती है। हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर के द्वारा सभी एंट्री प्वाइंट पर सघन तलाशी ली जाती है। सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लेने के लिए सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने आठ जून को श्रीनगर सेंट्रल जेल का दौरा किया था। उन्होंने जेल अधिकारियों के साथ चर्चा में भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक-आधारित निगरानी को ज्यादा मजबूत करने पर जोर दिया था।

मोबाइल बुलेट प्रूफ व्हीकल तैनात

जेल की दीवारों के ऊपर से सामान फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए मोबाइल बुलेट प्रूफ व्हीकल तैनात किए गए हैं। क्विक रिएक्शन टीम 24 घंटे गश्त कर रही है। इसके अलावा, जेल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति चाहे वह कैदी हो, आगंतुक, जेल का स्टाफ या खुद सुरक्षाकर्मी की बिना किसी समझौते के कड़ी चेकिंग की जाती है।

हाई-टेक होंगी जेलें…बल ने कहा, आने वाले समय में जेलों की सुरक्षा को और हाई-टेक बनाने के लिए कई बड़े अपग्रेड्स की योजना है। इनमें रियल-टाइम निगरानी के लिए एआई-सक्षम सीसीटीवी सिस्टम और एडवांस्ड वीडियो एनालिटिक्स शामिल हैं। इसके अलावा, सर्विलांस और एक्सेस कंट्रोल के लिए जेलों में एक एकीकृत कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम स्थापित किया जाएगा।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||