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Ayodhya Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर की दान पेटी से कथित चोरी का मामला लगातार चर्चाओं में हैं. एसआईटी की टीम हर दिन 10 घंटे से भी ज्यादा जांच कर रही है. पांच दिनों से एसआईटी पूछताछ कर रही है. कल भी राम मंदिर परिसर में पूछताछ की गई. इस दौरान कई अहम सुराग, जमीन के खरीद फरोख मामले पर भी दस्तावेज तलब किए गए. वहीं, बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व वादी और अयोध्या के प्रमुख नागरिकों में शामिल इकबाल अंसारी ने एसआईटी जांच का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि हमें मुख्यमंत्री पर विश्वास है और अयोध्यावासियों को भी विश्वास करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा है तो वे जरूर कार्रवाई करेंगे. इस मामले से जुड़े हर अपडेट्स के लिए पढ़ते रहिए न्यूज 18 की इस लाइव कॉपी को.

राम मंदिर दान विवाद पर अवधेश प्रसाद का बड़ा हमला

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर में चढ़ावे और निर्माण को लेकर कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए ट्रस्ट को भंग करने और निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि SIT जांच से पहले किसी को क्लीन चिट नहीं मिलनी चाहिए और आरोपों की परत-दर-परत सच्चाई सामने आनी चाहिए.

सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच होगी.

सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच होगी. सीसीटीवी से छेड़छाड़ के मिले हैं समिति को संकेत. पुराने रिकॉर्ड रिकवर करने का SIT कर रही है प्रयास. सीसीटीवी के एक्सपर्ट को राम जन्म भूमि परिसर में बुलाया गया है.

राम मंदिर के दान पात्र में कथित तौर पर गबन का मामला

SIT छठवें दिन भी राम मंदिर परिसर में जांच कर रही है. कल भी डॉक्टर अनिल मिश्रा ट्रस्ट और विशेष आमंत्रित सदस्य के साथ-साथ बैंक कर्मचारियों से हुई थी पूछताछ. अलग-अलग कमरे में अलग-अलग की जा रही है वीडियोग्राफी में पूछताछ. पूछताछ के दरमियान बनाई जा रही है वीडियोग्राफी.

 

रामलला के दर्शन करेंगे सांसद अवधेश

राम मंदिर में आज दोपहर 12:00 बजे के आसपास अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद करेंगे दर्शन. प्रभु राम का आशीर्वाद लेंगे.

आज भी पूछताछ करेगी एसआईटी

राम मंदिर में दान घोटाले के मामले में एसआईटी की टीम आज भी पूछताछ करेगी. ट्रस्ट के पदाधिकारी के साथ पूछताछ करेगी.

चंदा चोरी की जांच कहां तक पहुंची: अखिलेश यादव

सपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि चंदा चोरी की जांच कहां तक पहुंची, इसकी नियमित ब्रीफिंग होनी चाहिए. मथुरा से भी आई धांधली की खबर बेहद गंभीर है, उसकी भी उच्चस्तरीय विश्वसनीय जांच हो. उन्होंने कहा कि अयोध्या महापापियों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी. यहीं भाजपा की राजनीति का आरंभ हुआ था और यहीं अंत भी होगा. उन्होंने कहा कि अयोध्या में चढ़ावे-चंदे-दान-शिला चोरी की घटना के बाद से यहां आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या पर नकारात्मक असर पड़ा है. लोगों की आस्थाएं खंडित हुई हैं. इसका सीधा असर अयोध्या के स्थानीय कारोबार और आम आदमी की आमदनी पर पड़ा है. सरकार की गलती का खामियाजा जनता क्यों भुगते.

तीन प्रमुख पदाधिकारी खुद ही ट्रस्ट से अलग हो सकते?

राम मंदिर की दान राशि में हेरफेर के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तीन प्रमुख पदाधिकारी खुद ही ट्रस्ट से अलग हो सकते हैं. वहीं, टिन्नू यादव समेत गणना करने वाले व रकम पार करने वाले कर्मचारियों और कुछ बैंक कर्मियों पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है.

राम मंदिर में CM योगी ने दान पेटी में खुद डाला चंदा वाला लिफाफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला के दर्शन किए. मंदिर परिसर का भ्रमण ट्रस्ट सदस्य दिनेंद्र दास ने कराया. दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने अपनी जेब से लिफाफा निकालकर श्री राम जन्म भूमि के दान पात्र में श्रद्धापूर्वक अर्पित किया.

हमें मुख्यमंत्री पर विश्वास: इकबाल अंसारी

बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व वादी और अयोध्या के प्रमुख नागरिकों में शामिल इकबाल अंसारी ने एसआईटी जांच का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे के दौरान यह स्पष्ट किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री आज आए और कहा कि टीम गठित की गई है. हमें मुख्यमंत्री पर विश्वास है और अयोध्यावासियों को भी विश्वास करना चाहिए. वे जरूर कार्रवाई करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और सच्चाई सामने आएगी.

दानपात्र से जमीन तक! SIT की जांच में खुल रहे नए राज, 5वें दिन घंटों चली पूछताछ

अयोध्या राम जन्मभूमि दानपात्र कथित गबन मामले में SIT की जांच पांचवें दिन भी जारी रही. सूत्रों के मुताबिक दान राशि के साथ-साथ जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए गए हैं. रामकोट क्षेत्र में खरीदी गई संपत्तियों, बैंक लेनदेन और मध्यस्थों की भूमिका की जांच हो रही है. डॉक्टर अनिल मिश्रा, राम शंकर यादव टिल्लू, बैंक कर्मचारियों और गोपाल राव से भी पूछताछ की गई. जांच एजेंसी को कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आ रही है.

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