Image Slider


रतलाम जिले के आलोट स्थित लूणी-रीछा स्टेशन के पास गुरुवार (18 जून) सुबह पौने 10 बजे के आसपास रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच के पहियों से अचानक धुआं निकलने लगा। ट्रेन इंदौर से जोधपुर जा रही थी। स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही आग लगने की आशंका से यात्री दहशत में आ गए और सामान लेकर पटरियों पर कूद गए। मौके पर पहुंचे रेल कर्मचारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर से स्थिति पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, लूणी-रीछा स्टेशन पर रणथंभौर एक्सप्रेस का कोई आधिकारिक स्टॉपेज नहीं है। इसके बावजूद लोको पायलट ने यहां अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे। ब्रेक लगने के तुरंत बाद इंजन के पास लगे जनरल कोच के पहियों से धुआं उठने लगा। हालांकि, इमरजेंसी ब्रेक क्यों लगाए गए और धुआं निकलने का तकनीकी कारण क्या था, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। बता दें, 14 जून को मुरैना ट्रेन हादसे में आग लगने की अफवाह के कारण इसी तरह यात्री पटरियों पर उतर गए थे। हादसे में 4 की दूसरी ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। हादसे की 4 तस्वीरें देखिए… आग लगने की अफवाह से मची अफरा-तफरी पहियों से धुआं निकलता देख किसी ने आग लगने की बात कह दी, जिससे कोच में हड़कंप मच गया। घबराए यात्री सामान लेकर कोच से बाहर निकलने लगे। जान बचाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री पटरियों के बीच खड़े हो गए। इस दौरान दूसरी लाइन पर भी एक ट्रेन खड़ी थी और यात्री दोनों ट्रेनों के बीच पटरियों पर जमा रहे। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें यात्री हड़बड़ी में ट्रेन से नीचे उतरते नजर आ रहे हैं। फायर एक्सटिंग्विशर से आग को काबू किया गया रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लूणी-रीछा स्टेशन राजस्थान के कोटा रेल मंडल के अधिकार क्षेत्र में आता है। सूचना मिलने पर रेल कर्मचारी तत्काल अग्निशमन यंत्र लेकर मौके पर पहुंचे और स्थिति नियंत्रित की। स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। सिग्नल अचानक रेड हुआ, इसलिए इमरजेंसी ब्रेक लगाए जानकारी के अनुसार ट्रेन को आगे बढ़ने के लिए सिग्नल नहीं मिला था। अचानक सिग्नल रेड होने पर लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इस दौरान एक पहिए के हार्ड एक्सल पर ब्रेक शू जाम होकर चिपक गए, जिससे घर्षण होने लगा और धुआं निकलने लगा। घटना के बाद ट्रेन करीब 20 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना मिलने पर तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अफरा-तफरी के बीच 10 मिनट बाद पहुंची दूसरी ट्रेन स्टेशन पर धुआं निकलने और यात्रियों में अफरा-तफरी के बीच करीब 10 मिनट बाद ट्रेन नंबर 61624 कोटा-उज्जैन मेमू भी स्टेशन पर पहुंच गई। यह ट्रेन हाल ही में शुरू की गई है। 15 जून को नागदा स्टेशन पर सांसद अनिल फिरोजिया और नागदा विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। मुरैना में भी दूसरे ट्रैक पर ट्रेन आने से 4 की कटकर मौत हो गई थी। इसी ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में आग लगी थी इससे पहले 17 मई को त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) में आग लग गई थी। हादसा रतलाम जिले में आलोट के पास लूणी रीछा-विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच सुबह करीब 5:15 बजे हुआ। आग ट्रेन के एसी कोच बी-1 में लगी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे कर्मचारियों ने करीब 15 मिनट में सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। घटना के बाद ट्रेन की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई और दोनों प्रभावित कोचों को ट्रेन से अलग किया गया। ये खबर भी पढ़ें… मुरैना ट्रेन हादसे का वीडियो, लोग कटते दिखे:500 मीटर तक फैले मांस के लोथड़े खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने से आग लगने की अफवाह ने 4 जानें ले लीं। मृतकों के शरीर के हिस्से करीब 500 मीटर तक बिखर गए। इनको पोस्टमॉर्टम के लिए पोटली में समेटना पड़ा। हादसे का वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||