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Zafrani Dum Ke Rot Recipe: हैदराबाद का मशहूर ज़ाफरानी दम के रोट इन दिनों चर्चा में है. मुहर्रम के अवसर पर बनने वाली यह खास मिठाई अपनी खस्ता बनावट, केसर की खुशबू और नवाबी इतिहास के लिए जानी जाती है. माना जाता है कि इसकी शुरुआत सातवें निज़ाम के दौर में हुई थी. आज पिस्ता हाउस जैसे बड़े ब्रांड इसे देश-विदेश तक पहुंचा रहे हैं. सूजी, मैदा, घी, केसर और मेवों से तैयार होने वाला यह रोट बाहर से कुरकुरा और अंदर से मुलायम होता है. यही वजह है कि हर साल इसकी मांग और लोकप्रियता बढ़ती जा रही है.

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हैदराबाद. मुहर्रम का महीना शुरू होते ही हैदराबाद की ऐतिहासिक गलियों में एक बार फिर खास स्वाद की खुशबू फैलने लगी है. इस दौरान शहर की पहचान बन चुका पारंपरिक ज़ाफरानी दम के रोट बाजारों में पहुंच गया है. विश्व प्रसिद्ध पिस्ता हाउस ने भी अपनी वर्षों पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस सीजन के लिए दम के रोट की बिक्री शुरू कर दी है. शुद्ध घी, सूजी, केसर और मेवों से तैयार होने वाली यह खास मिठाई न केवल स्वाद के लिए मशहूर है, बल्कि इसका गहरा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी माना जाता है.

दम के रोट को हैदराबाद की नवाबी विरासत का प्रतीक माना जाता है. इतिहासकारों के अनुसार इसकी परंपरा हैदराबाद के सातवें निज़ाम मीर उस्मान अली खान के दौर से जुड़ी हुई है. मान्यता है कि निज़ाम ने अपने पोते के स्वस्थ होने की मन्नत पूरी होने पर मुहर्रम के दौरान अलवा स्थलों पर रोट चढ़ाया था. इसके बाद से यह परंपरा हर साल मुहर्रम में निभाई जाने लगी और धीरे-धीरे यह हैदराबाद की सांस्कृतिक पहचान बन गई.

सोशल मीडिया पर भी दम के रोट के वीडियो वायरल 

आज के दौर में पिस्ता हाउस जैसे बड़े ब्रांड इस पारंपरिक व्यंजन को देश और विदेश तक पहुंचा रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी दम के रोट के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें इसकी आकर्षक पैकेजिंग और बढ़ती लोकप्रियता साफ नजर आती है. मुहर्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदते हैं और धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ स्वाद के लिए भी पसंद करते हैं.

बनाने की शैली में छिपी है दम के रोट की खासियत 

दम के रोट की खासियत इसकी पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया में छिपी है. इसे सूजी, मैदा, पिसी चीनी, शुद्ध देसी घी, केसर मिले दूध, काजू, बादाम, इलायची पाउडर और बेकिंग पाउडर से तैयार किया जाता है. सबसे पहले घी और चीनी को अच्छी तरह फेंटा जाता है, फिर उसमें सूजी और अन्य सामग्री मिलाकर आटा तैयार किया जाता है. इसके बाद आटे की मोटी टिक्कियां बनाकर उन पर मेवे सजाए जाते हैं और ओवन में सुनहरा होने तक बेक किया जाता है.

रोट बाहर से खस्ता और अंदर से मुलायम रहता है

तैयार होने के बाद यह रोट बाहर से खस्ता और अंदर से मुलायम रहता है. केसर और घी की खुशबू इसे विशेष स्वाद प्रदान करती है. यही वजह है कि हर साल मुहर्रम के दौरान इसकी मांग काफी बढ़ जाती है. पारंपरिक स्वाद, धार्मिक आस्था और नवाबी इतिहास का अनूठा संगम माने जाने वाले ज़ाफरानी दम के रोट ने आज हैदराबाद की सीमाओं को पार कर वैश्विक पहचान बना ली है.

About the Author

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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