अहमदाबाद प्लेन क्रैश की भयानक याद आज एकमात्र जिंदा बचे विश्वास कुमार रमेश के जेहन में ताजा है. अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का फ्लाइट AI 171 उड़ान भरते ही कुछ ही पलों में क्रैश हो गया था. उस वक्त विमान में 242 यात्री सवार थे. इनमें रमेश को छोड़कर छोड़कर सभी की जान चली गई थी.
अहमदाबाद प्लेन क्रैश, कैसे हैं एकमात्र बचे रमेश.
बता दें कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की भयानक याद आज भी उनके जेहन में ताजा है. अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का फ्लाइट AI 171 उड़ान भरते ही कुछ ही पलों में क्रैश हो गया था. उस वक्त विमान में 242 यात्री सवार थे. इनमें रमेश को छोड़कर छोड़कर सभी की जान चली गई थी.
विमान दोनों इंजनों के फेल हो जाने के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास ही एक मेडिकल कॉलेज के परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. आग की लपटें आसमान तक उठने लगीं. ज्यादातर यात्री घटनास्थल पर ही अपनी जान गंवा बैठे लेकिन 39 वर्षीय विश्वास कुमार रमेश चमत्कारिक तरीके से बच गए. वे इमरजेंसी गेट के पास बैठे थे, जिसकी वजह से हादसे के तुरंत बाद वे तेजी से बाहर निकलने में सफल रहे.
विश्वास ने बताया कि वे अपने छोटे भाई अंजय के साथ लंदन वापस जा रहे थे. हादसे में उनके भाई की जान चली गई. विश्वास अब भी उस पल को याद करके कांप जाते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने बताया, “मेरे लिए यह सबसे बड़ा सदमा है कि मेरा भाई मेरी आंखों के सामने चला गया. मैं बच गया, लेकिन मेरा एक हिस्सा उस दिन उसी विमान में रह गया.”
वे कहते हैं, “हर रात मुझे अपने भाई की याद आती है. मैं ब्रिटिश नागरिक हूं, लेकिन अब लंदन जाने का मन नहीं करता.” परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की कोशिश करते हैं, लेकिन पुरानी यादें उन्हें परेशान करती रहती हैं.
विश्वास को इस मुश्किल समय में कुछ मदद मिल रही है. बिजनेस कंसल्टेंट संजीव पटेल और उनके मेंटर उन्हें कानूनी और मेडिकल सहायता उपलब्ध करा रहे हैं. फिर भी, हादसे की याद उन्हें हर पल सताती है.
यह हादसा न सिर्फ विश्वास की जिंदगी, बल्कि पूरे परिवार को बदल गया. एक तरफ जहां पूरा देश इस हादसे को याद करके दुखी है, वहीं विश्वास जैसे सर्वाइवर रोज नई जंग लड़ रहे हैं. समय के साथ घाव भरते जरूर हैं, लेकिन कुछ जख्म कभी पूरी तरह नहीं भर पाते.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें
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