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Telangana Property Structure: तेलंगाना सरकार ने भूमि और संपत्तियों के मूल्यांकन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नया 4-Tier प्रॉपर्टी स्ट्रक्चर लागू करने की तैयारी की है. इस व्यवस्था के तहत कृषि और गैर-कृषि दोनों प्रकार की संपत्तियों को अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे उनकी बाजार कीमत और पंजीकरण मूल्य में बदलाव देखने को मिल सकता है. नई प्रणाली का उद्देश्य वास्तविक बाजार दरों के अनुरूप संपत्तियों का मूल्य निर्धारण करना और राजस्व संग्रह को बेहतर बनाना है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के बाद कई क्षेत्रों में कृषि भूमि और गैर-कृषि संपत्तियों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे खरीद-बिक्री और रजिस्ट्रेशन लागत प्रभावित होगी.

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तेलंगाना में 4-Tier नया प्रॉपर्टी स्ट्रक्चर

हैदराबाद: तेलंगाना सरकार ने राज्य में संपत्ति पंजीकरण दरों में व्यापक संशोधन की आधिकारिक घोषणा की है जो 5 जून, 2026 से प्रभावी हो गया है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि दरों और खुले बाजार की वास्तविकताओं के बीच के अंतर को कम करना है. राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के अनुसार, यह बदलाव सभी 144 उप-पंजीयक कार्यालयों यानी SRO में किए गए एक वैज्ञानिक अध्ययन और जमीनी सर्वेक्षण के बाद लागू किया गया है.

सर्वेक्षणों से पता चला था कि प्रमुख शहरी क्षेत्रों में बाजार मूल्य सरकारी दरों से 500% से 600% तक अधिक थे. हालांकि, आम नागरिकों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ न पड़े, इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अधिकतम वृद्धि को 100% तक सीमित रखा गया है. एक्सपर्ट साहिब खान बताते हैं कि जो संशोधन किए गए हैं उसके अनुसार संशोधित दरों को स्थानीय विकास और मांग के आधार पर एक स्पष्ट चार-स्तरीय (Four-tier) संरचना में विभाजित किया गया है. यह वृद्धि कृषि और गैर-कृषि दोनों संपत्तियों पर समान रूप से लागू होगी.

दर स्लैब: मौजूदा पंजीकरण मूल्यों में क्रमशः 25%, 50%, 75% और 100% की बढ़ोतरी की गई है.

सामान्य क्षेत्र: राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुरुआती तीन श्रेणियों (25% से 75%) के तहत मामूली वृद्धि होगी.

अपरिवर्तित क्षेत्र: लगभग 10% क्षेत्रों में दरों को पूरी तरह से यथावत रखा गया है क्योंकि वहां की आधिकारिक दरें पहले से ही बाजार मूल्य के अनुकूल थीं.

अधिकतम 100% की दर वृद्धि मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में लागू की गई है जहां भारी रियल एस्टेट विकास, सरकारी भूमि नीलामियों की सफलता और औद्योगिक विस्तार देखा गया है.
• प्रमुख राजमार्गों, रेडियल सड़कों और आउटर रिंग रोड के पास स्थित संपत्तियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा.
• राज्य के प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक हब जैसे कोकापेट और रायदुर्ग जैसे पॉश इलाकों में आधिकारिक पंजीकरण मूल्य अब दोगुना (100% वृद्धि) हो गया है.

इस नीतिगत संशोधन में अपार्टमेंट और भवनों के मूल्यांकन के तरीकों में महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार किए गए हैं:
1. एकसमान दरें: पहले एक ही अपार्टमेंट की अलग-अलग मंजिलों पर दरों में भिन्नता के कारण भ्रम होता था. सरकार ने अब समान स्थानों के अपार्टमेंट के लिए एकसमान (Uniform) क्षेत्रीय दरें लागू कर इस व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया है.
2. बुनियादी निर्माण लागत: सामग्री और श्रम की बढ़ती कीमतों को देखते हुए वर्ष 2021 के बाद पहली बार आरसीसी (RCC) और गैर-आरसीसी संरचनाओं की आधिकारिक निर्माण लागत में संशोधन किया गया है.
3. न्यूनतम आधार मूल्य: हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (HMDA) के क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों और नए नगर पालिकाओं में न्यूनतम आधार मूल्यों को अपडेट किया गया है.

यह कदम तेलंगाना के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होगा.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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