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नई दिल्ली. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में मिली करारी शिकस्त का जख्म अभी हरा है, लेकिन भारतीय क्रिकेट की यह खूबी रही है कि वह जितनी तेजी से गिरती है, उतनी ही ताकत से उठना भी जानती है.  प्रोटियाज टीम के खिलाफ क्लीन स्वीप होने के बाद, अब भारतीय क्रिकेट टीम लाल गेंद के प्रारूप में अपनी साख और ट्रैक पर वापस आने को बेताब है.

इस वापसी के सफर की शुरुआत मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से हो रही है, जहां भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मुकाबला खेला जाना है.  यह मैच न सिर्फ मुल्लांपुर स्टेडियम के इतिहास का पहला टेस्ट मैच बनने जा रहा है, बल्कि यह युवा कप्तान शुभमन गिल की नेतृत्व क्षमता और भारतीय टीम के नए युग की अग्निपरीक्षा भी है.

नई शुरुआत, नया कप्तान और युवा जोश

इंग्लैंड में सफल प्रदर्शन के बाद शुभमन गिल को अपनी पिचों पर जोरदार झटका लग चुका है इसीलिए नए कप्तान के लिए यह मुकाबला किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है; उन्हें न केवल मोर्चे से अगुवाई करते हुए रन बनाने होंगे, बल्कि दक्षिण अफ्रीका में डगमगाए टीम के मनोबल को भी वापस आसमान पर ले जाना होगा. भारतीय बल्लेबाजी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी यशस्वी जायसवाल और के एल राहुल और नंबर तीन पर घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले साई सुदर्शन के कंधों पर होगी. यह टॉप तीन बल्लेबाज भारतीय पारी की मजबूत नींव रखने का माद्दा रखते हैं. मध्यक्रम में कप्तान शुभमन गिल खुद जिम्मेदारी संभालेंगे,  कार एक्सीडेंट की भयानक त्रासदी से उबरकर वापसी करने वाले ऋषभ पंत एक बार फिर विकेटों के पीछे और सामने अपनी आक्रामक शैली से मैच का पासा पलटने के लिए तैयार हैं.

ऑलराउंडर्स और स्पिन तिकड़ी का चक्रव्यूह

मुल्लांपुर की पिच पारंपरिक रूप से खेल के आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों की मददगार साबित हो सकती है.  इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम संतुलित ऑलराउंडर्स के साथ मैदान पर उतर रही है. नीतीश कुमार रेड्डी के रूप में भारत के पास एक ऐसा उभरता हुआ खिलाड़ी है जो मध्यम गति की तेज गेंदबाजी के साथ-साथ निचले मध्यक्रम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर सकता है वहीं, वॉशिंगटन सुंदर अपनी कसी हुई ऑफ-स्पिन गेंदबाजी और तकनीकी रूप से ठोस बल्लेबाजी से टीम को गजब का संतुलन प्रदान करते हैं. स्पिन विभाग की कमान भारत के मुख्य कलाई के जादुई स्पिनर कुलदीप यादव के हाथों में होगी.  कुलदीप की फिरकी अफ़ग़ानिस्तान के बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी पहेली साबित हो सकती है। उनका साथ देने के लिए घरेलू क्रिकेट के उभरते सितारे हर्ष दुबे को प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है, जो अपनी सटीक लाइन-लेंथ से अफ़ग़ान टीम पर दबाव बनाने का काम करेंगे.

तेज गेंदबाजी की नई धार

तेज गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो मोहम्मद सिराज  अगर फिट हुए तो वो टीम के सबसे अनुभवी और मुख्य हथियार हैं हालांकि, उनके वर्कलोड और हालिया फिटनेस को देखते हुए टीम प्रबंधन बेहद सतर्क है.  यदि सिराज को आराम दिया जाता है या वे पूरी तरह फिट नहीं होते हैं, तो पंजाब के लंबे कद के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ का डेब्यू करना पूरी तरह तय माना जा रहा है.  गुरनूर के पास गति और उछाल दोनों है, जो मुल्लांपुर की शुरुआती पिच पर अफ़ग़ान बल्लेबाजों को संकट में डाल सकती है.

क्या ट्रैक पर लौट पाएगी टीम इंडिया?

अफ़ग़ानिस्तान की टीम टेस्ट क्रिकेट में भले ही नई हो, लेकिन उनके पास राशिद खान जैसे विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं जो किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकते हैं.  ऐसे में भारतीय टीम उन्हें हल्के में लेने की भूल कतई नहीं करेगी. दक्षिण अफ्रीका के दौरे को भूलकर, भारतीय टीम के पास अपनी पिचों पर दबदबा दोबारा कायम करने का यह सुनहरा मौका है.

संभावित प्लेइंग X1 –यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल , साई सुदर्शन , शुभमन गिल (कप्तान) –ऋषभ पंत (विकेटकीपर) – नीतीश कुमार रेड्डी वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव –गुरनूर बराड़ – तेज गेंदबाज (डेब्यू की उम्मीद)मोहम्मद सिराज / प्रसिद्ध कृष्णा

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