मौसम विभाग के अनुसार, 30 मई तक मानसून अरब सागर के बड़े हिस्सों, लक्षद्वीप, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के कई इलाकों तक पहुंच चुका है. अगले तीन से चार दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए मौसम की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं. यही वजह है कि मौसम वैज्ञानिक दक्षिण भारत में जल्द मानसून की एंट्री की उम्मीद जता रहे हैं.
मानसूनी गतिविधियां बढ़ने से तमिलनाडु, पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो सकता है. इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए भी अच्छी खबर साबित होगी.
इस बीच शनिवार को चेन्नई का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा. दिनभर बादल छाए रहने के कारण तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया. नुंगमबक्कम मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि यहां सामान्य अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस रहता है. वहीं मीनाम्बक्कम में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से करीब डेढ़ डिग्री कम रहा.
मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को चेन्नई में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. हालांकि शहर और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है.
आईएमडी के मुताबिक 1 जून तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है. लेकिन 2 जून के बाद मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ मौसम में बदलाव शुरू होगा और तापमान धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौटने लगेगा.
मौसम विभाग ने रविवार के लिए तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है. नीलगिरि, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, करूर, तिरुचिरापल्ली, नमक्कल, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुवन्नामलाई और विलुप्पुरम समेत पुडुचेरी के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.
इसके अलावा कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की भी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि 1 और 2 जून को भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, खासकर पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में.
बारिश के ताजा आंकड़े भी मानसून पूर्व गतिविधियों के मजबूत होने का संकेत दे रहे हैं. शनिवार को तिरुनेलवेली जिले के ऊथू और नालुमुक्कू, इरोड जिले के अम्मापेट्टई और कोयंबटूर जिले के थोलमपालायम में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. वहीं तिरुनेलवेली के कक्काची में 6 सेंटीमीटर और कई अन्य इलाकों में 5 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई.
कुल मिलाकर मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान देश के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है. मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में दक्षिण भारत में इसकी दस्तक के साथ गर्मी का असर कम होने और बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है. (IANS इनपुट के साथ)
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