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अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir

Updated Sun, 31 May 2026 07:37 AM IST

सवाल है कि यदि चार मंजिला भवन को कुछ वर्षों में बढ़ाकर छह मंजिल और फिर सातवीं मंजिल तक ले जाया गया, तो क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर, भवन विभाग और निगरानी तंत्र क्या कर रहे थे। निर्माण सामग्री, मजदूरों की आवाजाही और लगातार चल रहे काम के बावजूद कोई रोक-टोक क्यों नहीं हुई।


Delhi Building Collapse
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब में हुए दर्दनाक भवन हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी। हादसा जिस इमारत में हुआ, वह चार साल पहले केवल चार मंजिला थी, लेकिन इस दौरान कथित रूप से अवैध निर्माण कर उसे छह मंजिल तक पहुंचा दिया गया। सातवीं मंजिल पर लिंटर डालने की तैयारी चल रही थी और करीब 25 से 30 मजदूर काम में जुटे थे, तभी पूरी संरचना भरभराकर गिर गई।


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