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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स ने भारतीय ज्ञान परंपरा, निरंतरता, विच्छेद और समन्वय विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स की प्रभारी प्रो क्वींनी प्रधान ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) के विकसित हो रहे क्षेत्र के इर्द-गिर्द विभिन्न विद्वानों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक मंच पर लाना था। सम्मेलन में कई प्रतिष्ठित विद्वानों और प्रख्यात बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में प्रख्यात बुद्धिजीवी एवं आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने की कला की सर्वव्यापकता और दैनिक जीवन की लय में ज्ञान परंपरा को उजागर करने पर बल दिया। विज्ञान इतिहासकार प्रो दीपक कुमार ने सभी प्रकार के स्वदेशी ज्ञान के सम्मान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त इस अवसर पर यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स का वार्षिक न्यूज़लेटर नवकृति भी जारी किया गया। सम्मेलन के दो दिनों के दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित विभिन्न विषयों और उप-विषयों पर आयोजित तकनीकी सत्रों में पूरे भारत से 30 से अधिक विद्वानों और शोधकर्ताओं ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

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