Image Slider

Last Updated:

NEET UG 2026 Exam Canceled: नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई है जिसके बाद कई सवाल खडे हुए हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी सख्त व्यवस्था के बावजूद NEET 2026 का पेपर लीक कैसे हुआ? क्या गड़बड़ी प्रिंटिंग के दौरान हुई? जांच में प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक की बात सामने आ रही है ऐसे में आइए जानते हैं कि नीट का पेपर कहां छपता है और क्‍वेश्‍चन पेपर कैसे तैयार होते हैं?

ख़बरें फटाफट

आखिर कहां छपता है NEET का पेपर, कैसे तैयार होता है प्रश्न पत्र?Zoom

Neet 2026 why cancelled, NEET, neet exam, neet ug, neet paper leak 2026: नीट यूजी के पेपर पर बवाल.

NEET UG 2026 Exam Canceled: नीट 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)इतनी कड़ी सुरक्षा और गोपनीय व्यवस्था के बीच परीक्षा कराने का दावा करती है तो फिर गड़बड़ी आखिर कहां हुई? जिस परीक्षा को मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम का उदाहरण बताया जाता रहा वही परीक्षा अब पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द कर दी गई है. ऐसे में छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों के मन में यह जानने की जिज्ञासा है कि NEET का पेपर आखिर कहां और कैसे छपता है और पूरी प्रक्रिया क्‍या होती है? बताया जा रहा है कि जयपुर के प्रिंटिंग प्रेस ही नीट का पेपर लीक हुआ है.

कैसे तैयार होता है NEET का प्रश्न पत्र?

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET का प्रश्न पत्र तैयार करना एक बेहद गोपनीय और नियंत्रित प्रक्रिया होती है. NTA इसके लिए देशभर के वरिष्ठ प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों की एक गुप्त समिति बनाती है. ये सभी लोग सख्त गोपनीयता समझौते के तहत काम करते हैं.पूरी प्रक्रिया का आधार NCERT सिलेबस होता है. सवाल या तो सीधे NCERT से होते हैं या फिर उन्हीं कॉन्सेप्ट्स पर आधारित बनाए जाते हैं. पहले हजारों सवालों का एक बड़ा Question Bank तैयार किया जाता है जिसमें अलग-अलग कठिनाई स्तर के प्रश्न शामिल होते हैं.

कैसे तय होते हैं नीट के सवाल?

NEET के प्रश्न पत्र में संतुलन बनाए रखने के लिए सवालों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है.करीब 30 प्रतिशत सवाल बेसिक थ्योरी और फॉर्मूलों पर आधारित होते हैं ताकि सामान्य तैयारी वाले छात्र भी पेपर हल कर सकें.लगभग 50 प्रतिशत सवाल कॉन्सेप्ट और एप्लिकेशन आधारित होते हैं जो यह परखते हैं कि छात्र ने विषय को कितनी गहराई से समझा है वहीं करीब 20 प्रतिशत सवाल कठिन और विश्लेषणात्मक होते हैं जो टॉप रैंक हासिल करने वाले छात्रों की पहचान करते हैं.

प्रिंटिंग के लिए क्‍या होता है NTA का प्रोटोकॉल?

NEET का पेपर छापने के लिए NTA का प्रिंटिंग प्रोटोकॉल बेहद सख्त माना जाता है. टेंडर डॉक्यूमेंट के मुताबिक उच्च स्तरीय ऑडिट और सुरक्षा जांच के बाद चुनिंदा प्रिंटिंग प्रेस को ही यह काम सौंपा जाता है.कंपोजिंग से लेकर प्रिंटिंग और पैकेजिंग तक हर स्टेप पर NTA के अधिकारी खुद मौजूद रहते हैं.प्रेस परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं और इनका कम से कम एक साल तक बैकअप सुरक्षित रखा जाता है.

प्रेस में कैसी रहती है सुरक्षा व्यवस्था?

पेपर छपाई के दौरान सुरक्षा इतनी कड़ी होती है कि हर गेट पर NTA द्वारा नियुक्त गार्ड तैनात रहते हैं.
पेपर से जुड़े काम के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक होती है.यहां तक कि प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को भी मोबाइल फोन या कैमरा लाने की अनुमति नहीं होती.प्रश्न पत्र डिजिटल एनक्रिप्टेड फॉर्म में प्रेस तक पहुंचता है. हर पन्ने पर एक यूनिक कोड होता है ताकि किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत उसके सोर्स तक पहुंचा जा सके.

मिसप्रिंट कॉपियों का क्या होता है?

अगर प्रिंटिंग के दौरान कोई भी कॉपी मिसप्रिंट हो जाती है तो उसे भी NTA के निर्देश पर तुरंत नष्ट कर दिया जाता है.छपाई पूरी होने के बाद प्रश्न पत्रों को GPS-लॉक्ड ट्रंक्स में सील किया जाता है. NEET के लिए आमतौर पर तीन सेट तैयार किए जाते हैं ताकि परीक्षा के दौरान किसी एक सेट के आधार पर नकल या गड़बड़ी न हो सके.

छपने के बाद कैसे पहुंचता है पेपर?

प्रिंटिंग के बाद प्रश्न पत्रों को पूरी तरह सील करके GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों से स्ट्रॉन्ग रूम और फिर परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाता है. इस दौरान भी हर मूवमेंट रिकॉर्ड की जाती है. परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र तय समय से पहले नहीं खोले जाते और वहां भी निगरानी के कई स्तर होते हैं.

 बड़ा सवाल:फिर गड़बड़ी कहां हुई? 

इतनी सख्त व्यवस्था के बावजूद NEET 2026 में पेपर लीक जैसे आरोप सामने आने के बाद जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सेंध आखिर किस स्तर पर लगी? क्या गड़बड़ी प्रिंटिंग के दौरान हुई? क्या ट्रांसपोर्टेशन के वक्त सुरक्षा में चूक हुई? या फिर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के बाद किसी संगठित नेटवर्क ने इसका फायदा उठाया? राजस्थान समेत कई राज्यों से परीक्षा से पहले सवाल मिलने और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप सामने आए हैं. इसी वजह से अब जांच एजेंसियां डिजिटल ट्रेल, कॉल रिकॉर्ड, परीक्षा केंद्रों के अलॉटमेंट, संदिग्ध उम्मीदवारों और पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.

क्‍या है NEET का परीक्षा पैटर्न?

NEET परीक्षा में कुल 200 प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें से छात्रों को 180 प्रश्न हल करने होते हैं. फिजिक्स से 45, केमिस्ट्री से 45 और बायोलॉजी से 90 प्रश्न होते हैं.हर सही उत्तर पर 4 अंक, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है. पूरा पेपर 720 अंकों का होता है.NEET 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद यह साफ है कि सिर्फ कड़े नियम और दावे ही काफी नहीं हैं. अब सबकी नजर जांच पर टिकी है कि असली चूक कहां हुई और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सिस्टम को और कितना मजबूत किया जाएगा. लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में भरोसा बहाल करना अब सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है.

About the Author

authorimg

Dhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्‍यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्‍सेस स्‍टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||