आरोपी ने पहले खुद को मरीज बताकर अस्पताल में जांच कराया और फिर अचानक वार्ड में घुसकर एक महिला मरीज को गोली मार दी. बाद में ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस रिमांड के दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई.
परेशान दिखाई दे रहा था किलर
घटना जिले के जीवक अस्पताल की बताई जा रही है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आरोपी सुबह के समय अस्पताल पहुंचा था. उसने अपना नाम वीरेंद्र बताया और खुद को बीमार बताते हुए डॉक्टर से जांच कराने की बात कही. जीवक अस्पताल और कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जी.डी. गुप्ता ने लोकल 18 से बताया कि उस समय आरोपी कुछ परेशान दिखाई दे रहा था. गार्ड ने उसकी स्थिति देखकर डॉक्टरों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर उपलब्ध जूनियर डॉक्टरों ने उसकी जांच की.
सामान्य मानते हुए लिख दी दवाइयां
डॉक्टरों के मुताबिक, आरोपी ने शिकायत की थी कि उसे पेट में भारीपन महसूस हो रहा है, गैस बन रही है और वह पिछले 3-4 दिनों से सो नहीं पाया है. जांच के दौरान उसका ब्लड प्रेशर सामान्य पाया गया, जबकि पल्स रेट थोड़ा बढ़ा हुआ था. डॉक्टरों ने कहा कि कई दिनों तक नींद न आने की वजह से भी पल्स बढ़ सकती है. प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को सामान्य मानते हुए दवाइयां लिख दीं और उसे फार्मेसी से दवा लेने भेज दिया.
तमंचा सटाकर महिला को मार दी गोली
इसी दौरान अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों का राउंड लेने के लिए डॉक्टर वहां से चले गए. फार्मेसी कर्मचारी आरोपी की दवा निकाल ही रहा था कि तभी वह अचानक सामने बनी सीढ़ियों की ओर बढ़ गया. सीढ़ियां चढ़ते ही सामने एक वार्ड था, जहां पैर के ऑपरेशन के बाद एक महिला मरीज भर्ती थी. आरोपी सीधे वार्ड के अंदर घुसा और महिला के पास पहुंचकर उसके कान के पास तमंचा सटाकर गोली मार दी. गोली लगते ही महिला की मौके पर ही मौत हो गई.
फायरिंग की आवाज से मची अफरा-तफरी
अस्पताल में अचानक हुई फायरिंग की आवाज से अफरा-तफरी मच गई. अस्पताल कर्मियों और मरीजों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. जब डॉक्टर और स्टाफ को समझ आया कि वही व्यक्ति, जो कुछ देर पहले इलाज कराने आया था, वार्ड में पहुंच गया है, तब तक वह वारदात को अंजाम दे चुका था. अस्पताल कर्मचारियों ने शोर मचाया और आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह वहां से भाग निकला.
फायरिंग करते अस्पताल से निकला बाहर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भागते समय भी फायरिंग करता हुआ अस्पताल के बाहर निकला. सुबह का समय होने के कारण आसपास ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद थे. गोली चलने की आवाज सुनकर लोग सक्रिय हो गए और आरोपी को घेर लिया. काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया.
घटना से पूरे इलाके में फैल गई सनसनी
घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि यही वही व्यक्ति है, जिसने इससे पहले ट्रेन के अंदर 2 घटनाओं को अंजाम दिया था और अब अस्पताल में घुसकर हत्या कर दी. लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोगों में भय का माहौल बन गया था और आरोपी को साइको किलर कहा जाने लगा था.
पुलिस और आरोपी के बीच हुई मुठभेड़
वहीं, पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गई. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम के साथ झड़प करने की कोशिश की. इसी दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में उसकी मौत हो गई.
मानसिक स्थिति नहीं लग रही थी सामान्य
इस पूरी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कोई व्यक्ति आसानी से हथियार लेकर पहुंच गया और वारदात को अंजाम देकर बाहर निकलने लगा, यह लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. वहीं, डॉक्टर ने कहा कि आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लग रही थी. कई दिनों तक न सोने और उसके व्यवहार को देखकर यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर हो सकता था.
आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की हो रही जांच
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. साथ ही आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और उसके पिछले घटनाओं से संबंधों की भी जांच की जा रही है. चंदौली की यह घटना अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है.
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