हिमाचल प्रदेश के किन्नौर स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे कृष्ण मंदिर (युल्ला कांडा) का ट्रैक बर्फ पिघलते ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। रोरा घाटी में 12,778 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह दुर्गम मार्ग भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में बंद रहता है। श्रद्धालु युल्ला खास गांव से 12 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पूरी कर यहां पहुंचते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस प्राचीन मंदिर और झील का निर्माण पांडवों ने वनवास के दौरान किया था। यहां की सबसे बड़ी खासियत ‘किन्नौरी टोपी’ से जुड़ी परंपरा है। माना जाता है कि यदि श्रद्धालु झील में अपनी टोपी उल्टी कर तैराता है और वह बिना डूबे दूसरे किनारे पहुंच जाती है, तो उसकी मन्नत पूरी होती है। यह स्थान हिंदू और बौद्ध धर्म की आस्था का संगम भी है, जहां लामा भी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर परिसर से पवित्र किन्नर कैलाश की पहाड़ियों के स्पष्ट दर्शन होते हैं। हर साल जन्माष्टमी पर यहां ऐतिहासिक मेला भी लगता है। प्रशासन ने आगाह किया है कि ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और संकरे रास्तों के कारण यह ट्रैक जोखिम भरा है, इसलिए यात्री पूरी सावधानी के साथ ही यात्रा शुरू करें।
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