आदित्य धर की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने सिनेमाघरों में ऐसी सनसनी मचा दी है जो लंबे समय तक गूंजेगी. फिल्म का क्लाइमैक्स, जिससे पता चलता है कि असली ‘धुरंधर’ कोई और ही है, जो 45 साल से पाकिस्तान में एक इंडियन एजेंट के तौर पर काम करता आ रहा है. रणवीर सिंह के ‘हमजा’ के सफर और सर्जिकल स्ट्राइक जैसी असल जिंदगी की घटनाओं के इर्द-गिर्द बुनी गई यह फिल्म देशभक्ति का ऐसा जोश भरती है.
नई दिल्ली. जब भी इंडियन सिनेमा में सस्पेंस और देशभक्ति का मेल होता है, तो दर्शक अपनी सांसें रोक लेते हैं. लेकिन, डायरेक्टर आदित्य धर ने अपनी लेटेस्ट रिलीज ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के साथ जो ड्रामा बनाया है, वह किसी ने सोचा भी नहीं होगा. 18 मार्च को पेड प्रीव्यू के साथ रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी है, लेकिन फिल्म का असली दिल इसके 30 मिनट के क्लाइमैक्स में है, जिसने थिएटर में बैठे दर्शकों को हैरान कर दिया है.
अगर आपको लगता है कि रणवीर सिंह ही फिल्म के अकेले ‘धुरंधर’ हैं, तो आप गलत साबित होने वाले हैं. फिल्म के आखिर में जो खुलासा होता है, वह न सिर्फ कहानी बदल देता है, बल्कि दर्शकों को भी अपनी सीट से बांधे रखता है. ‘धुरंधर 2’ का क्लाइमैक्स भारतीय जासूसी इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे हिम्मत वाली बातों में से एक को सामने लाता है. फिल्म के आखिरी आधे घंटे में पता चलता है कि फिल्म के ‘असली धुरंधर’ कोई युवा एक्शन स्टार नहीं, बल्कि पुराने एक्टर राकेश बेदी हैं. फिल्म में बताया गया है कि राकेश बेदी का किरदार यानी जमील जमाली पिछले 45 सालों से पाकिस्तान में एक भारतीय एजेंट के तौर पर काम कर रहा है.
जी हां, उसे साढ़े चार दशक पहले राजनीति और सत्ता के गलियारों में अपनी जगह बनाने के लिए एक बहुत ही सीक्रेट मिशन पर पाकिस्तान भेजा गया था. ठीक वैसे ही, जैसे रणवीर सिंह (जसकीरत सिंह रंगी) को हमजा के तौर पर एक पाकिस्तानी गैंग में शामिल होने के लिए पाकिस्तान भेजा गया था, वैसे ही राकेश बेदी के किरदार ने 45 साल तक दुश्मन की कैद में अपनी पहचान छिपाई और जब समय आया तो वह भारत का ऐसा ‘ट्रम्प कार्ड’ साबित हुआ जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.
Add News18 as
Preferred Source on Google
‘उरी’ और ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट वन की सफलता के बाद, आदित्य धर ने एक बार फिर खुद को पॉलिटिकल थ्रिलर जॉनर का बेताज बादशाह साबित किया है. उन्होंने पहले पार्ट की कहानी को दूसरे पार्ट से इतनी शानदार ढंग से जोड़ा है कि दर्शकों को तीन महीने का गैप मुश्किल से ही महसूस होता है. फिल्म की कंटिन्यूटी इसकी सबसे बड़ी ताकत है. यह ठीक वहीं से शुरू होती है जहां पहला पार्ट खत्म हुआ था, लेकिन इस बार कैनवस बहुत बड़ा, ज्यादा इमोशनल और ज्यादा खतरनाक है.
कहानी पूरी तरह से हमजा अली (रणवीर सिंह) के इर्द-गिर्द घूमती है. इस बार दर्शक हमजा के अतीत की उन परतों को देखेंगे जो अब तक एक रहस्य बनी हुई थीं. फिल्म फ्लैशबैक के जरिए दिखाती है कि कैसे जसकीरत सिंह रंगी जैसा एक सीधा-सादा और मासूम भारतीय युवक, हालात की मार झेलते हुए, अपनी पहचान मिटा देता है और ‘हमजा’ बनने के सफर पर निकल पड़ता है. रणवीर सिंह इस किरदार के दर्द, बेबसी और देशभक्ति को अपनी आंखों से जिंदा कर देते हैं.
आदित्य धर की फिल्मों की खासियत यह है कि वह कल्पना को असलियत में ढाल देते हैं. ‘धुरंधर 2’ का स्क्रीनप्ले डीमॉनेटाइजेशन और सर्जिकल स्ट्राइक जैसी असली घटनाओं को इतनी बारीकी से दिखाता है कि दर्शक इसे सिर्फ एक काल्पनिक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक थ्रिलर के तौर पर देखते हैं.
फिल्म की हाइप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 मार्च को इसके प्रीव्यू शो के टिकट के दाम ज्यादा होने के बावजूद, शो हाउसफुल हो गए थे. संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल के दमदार किरदारों ने भी फिल्म को वह वजन दिया है.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



