Image Slider

Last Updated:

कानपुर मेडिकल कॉलेज में आयोजित कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने बिगड़ती लाइफस्टाइल पर चिंता जताते हुए कहा कि गलत दिनचर्या, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी से कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. डॉक्टरों ने समय रहते आदतों में सुधार और “प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर” को अपनाने पर जोर दिया.

कानपुर. आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य को सबसे पीछे छोड़ते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ रहा है. इसी विषय पर कानपुर के मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने चिंता जताई. कॉन्फ्रेंस में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के फिजियोलॉजी विभाग से आई प्रो. पारूल ने कहा कि अगर हम अपनी लाइफस्टाइल को समय रहते नहीं सुधारते हैं, तो बीमारियों से बच पाना मुश्किल हो जाएगा. प्रो. पारूल ने बताया कि फिजियोलॉजी यानी शरीर के काम करने की प्रक्रिया हमें यह समझने में मदद करती है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए क्या जरूरी है. लेकिन आज के समय में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ चुकी है, देर रात तक जागना, समय पर भोजन न करना, जंक फूड का अधिक सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसी आदतें धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना रही हैं. उन्होंने कहा कि पहले जहां लोग प्राकृतिक जीवनशैली के करीब थे, वहीं अब तकनीक और भागदौड़ भरी जिंदगी ने उन्हें आरामतलब बना दिया है. इसका नतीजा यह है कि कम उम्र में ही डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, मोटापा और दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं.

फिजियोलॉजी से समझें शरीर की जरूरत
कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि फिजियोलॉजी केवल एक विषय नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का आधार है. यह हमें सिखाती है कि शरीर को कब आराम चाहिए, कब पोषण और कब व्यायाम, प्रो. पारूल ने कहा कि अगर हम अपने शरीर के संकेतों को समझें और उसी अनुसार दिनचर्या बनाएं, तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. जैसे समय पर नींद लेना, संतुलित आहार लेना और रोजाना थोड़ा व्यायाम करना शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखता है.

छोटे बदलाव से बड़ा फायदा
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि लाइफस्टाइल सुधारना कोई मुश्किल काम नहीं है. इसके लिए बस कुछ छोटी-छोटी आदतों को अपनाने की जरूरत है. जैसे सुबह जल्दी उठना, रोजाना 30 मिनट टहलना या योग करना, फास्ट फूड से दूरी बनाना और पानी का पर्याप्त सेवन करना. उन्होंने कहा कि अगर लोग इन आसान आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो न केवल बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को बेहतर महसूस करेंगे. कॉन्फ्रेंस में मौजूद अन्य डॉक्टरों ने भी इस बात पर जोर दिया कि “प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर” यानी बीमारी होने से पहले ही उससे बचाव करना सबसे अच्छा तरीका है. अंत में प्रो. पारूल ने कहा कि बदलती लाइफस्टाइल को सही दिशा में मोड़ना ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है. अगर हम अभी नहीं संभले, तो आने वाले समय में बीमारियों का खतरा और ज्यादा बढ़ सकता है.

About the Author

authorimg

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||