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धुरंधर-2 मूवी में हमजा अली मजारी बने रणवीर सिंह की दीवानगी फैंस के स‍िर चढ़कर बोल रही है. पाक‍िस्तान‍ियों को रूई की तरह धुनते हमजा की स्‍टील बॉडी का हर कोई दीवाना है, लेक‍िन क्‍या आपको पता है क‍ि हमजा की इस स्‍टील बॉडी का सीक्रेट क्‍या है? यह है कैल‍िस्‍थेन‍िक्‍स जो आजकल भारत ही नहीं बल्‍क‍ि पूरी दुन‍िया में फ‍िटनेस का नया ट्रेंड बन गई है. आइए इंड‍ियन स्‍कूल ऑफ कैल‍िस्‍थेन‍िक्‍स मुंबई के फाउंडर्स से जानते हैं इसके बारे में…

धुरंधर मूवी के हीरो हमजा अली मजारी की स्टील बॉडी की दुनिया दीवानी हो रही है लेकिन थिएटर में गर्दा उड़ाते एक्शन और परफेक्ट मूव्स से पाकिस्तानियों को धूल चटाते रणवीर सिंह की फिटनेस का राज सिर्फ जिम और एक्सरसाइज नहीं हैं, बल्कि कैलिस्थेनिक्स है, जो फिटनेस वर्ल्ड का नया ट्रेंड बन गया है और बड़ी संख्या में युवा इसे अपने वर्क आउट रूटीन में शामिल कर रहे हैं.

धुरंधर मूवी के हीरो हमजा अली मजारी की स्टील बॉडी की दुनिया दीवानी हो रही है लेकिन थिएटर में गर्दा उड़ाते एक्शन और परफेक्ट मूव्स से पाकिस्तानियों को धूल चटाते रणवीर सिंह की फिटनेस का राज सिर्फ जिम और एक्सरसाइज नहीं हैं, बल्कि कैलिस्थेनिक्स है, जो फिटनेस वर्ल्ड का नया ट्रेंड बन गया है और बड़ी संख्या में युवा इसे अपने वर्क आउट रूटीन में शामिल कर रहे हैं.

फिट रहने के लिए जिम की मशीनें और भारी वजन उठाना अब पुरानी बात हो गई है, अब बॉडी को फिट और परफेक्श शेप देने के लिए कैलिस्थेनिक्स ट्रेनिंग एक नई, ताजा और जबर्दस्त वर्कआउट ट्रेंड बनती जा रही है. बॉलीवुड हीरो रणवीर सिंह से लेकर टाइगर श्रॉफ, दिशा पटानी और जॉन अब्राहम तक इसे अपने डेली एक्सरसाइज रूटीन का हिस्सा बना चुके हैं.

फिट रहने के लिए जिम की मशीनें और भारी वजन उठाना अब पुरानी बात हो गई है, अब बॉडी को फिट और परफेक्श शेप देने के लिए कैलिस्थेनिक्स ट्रेनिंग एक नई, ताजा और जबर्दस्त वर्कआउट ट्रेंड बनती जा रही है. बॉलीवुड हीरो रणवीर सिंह से लेकर टाइगर श्रॉफ, दिशा पटानी और जॉन अब्राहम तक इसे अपने डेली एक्सरसाइज रूटीन का हिस्सा बना चुके हैं.

इंडियन स्कूल ऑफ कैलिस्थेनिक्स मुंबई के फाउंडर शुभम मिश्रा और जोएल प्रिंस बताते हैं कि कैलिस्थेनिक्स ट्रेनिंग का एक तरीका है जो आपमें शक्ति, लचीलापन, संतुलन और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए आपके अपने शरीर के वजन का उपयोग करता है. इसमें सरल से जटिल तक के व्यायाम शामिल होते हैं जो प्रोग्रेसिव रूप से आपके शरीर के वजन का उपयोग करते हैं. पुश-अप्स, पुल-अप्स, स्क्वैट्स, डिप्स, लंजेस और हैंडस्टैंड कुछ सबसे आम हरकतें हैं.

इंडियन स्कूल ऑफ कैलिस्थेनिक्स मुंबई के फाउंडर शुभम मिश्रा और जोएल प्रिंस बताते हैं कि कैलिस्थेनिक्स ट्रेनिंग का एक तरीका है जो आपमें शक्ति, लचीलापन, संतुलन और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए आपके अपने शरीर के वजन का उपयोग करता है. इसमें सरल से जटिल तक के व्यायाम शामिल होते हैं जो प्रोग्रेसिव रूप से आपके शरीर के वजन का उपयोग करते हैं. पुश-अप्स, पुल-अप्स, स्क्वैट्स, डिप्स, लंजेस और हैंडस्टैंड कुछ सबसे आम हरकतें हैं.

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कैलिस्थेनिक्स के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसे करने के लिए जिम सेटअप या किसी महंगे उपकरण या मशीनों की जरूरत नहीं होती है. आप अपने घर के अंदर, बाहर या किसी खाली जगह पर अपने शरीर का सही तरीके से उपयोग करके ताकत, मांसपेशियों पर नियंत्रण और लचीलापन बना सकते हैं.

कैलिस्थेनिक्स के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसे करने के लिए जिम सेटअप या किसी महंगे उपकरण या मशीनों की जरूरत नहीं होती है. आप अपने घर के अंदर, बाहर या किसी खाली जगह पर अपने शरीर का सही तरीके से उपयोग करके ताकत, मांसपेशियों पर नियंत्रण और लचीलापन बना सकते हैं.

कैलिस्थेनिक्स क्यों बन रहा है ट्रेंड? पिछले कुछ साल में कैलिस्थेनिक्स एक वैश्विक फिटनेस ट्रेंड बन गया है. इसके कई कारण हैं. सबसे पहले यह एक फंक्शनल ट्रेनिंग तकनीक है जो न केवल शरीर को मजबूत बनाती है बल्कि इसे बेहतर ढंग से चलाना भी सिखाती है. दूसरा, यह प्रशिक्षण सभी स्तरों के लोगों के लिए उपयुक्त है.

कैलिस्थेनिक्स क्यों बन रहा है ट्रेंड? पिछले कुछ साल में कैलिस्थेनिक्स एक वैश्विक फिटनेस ट्रेंड बन गया है. इसके कई कारण हैं. सबसे पहले यह एक फंक्शनल ट्रेनिंग तकनीक है जो न केवल शरीर को मजबूत बनाती है बल्कि इसे बेहतर ढंग से चलाना भी सिखाती है. दूसरा, यह प्रशिक्षण सभी स्तरों के लोगों के लिए उपयुक्त है.

शुरुआत में लोग पुश-अप्स और स्क्वैट्स जैसे बुनियादी तरीकों से इसकी ट्रेनिंग शुरू कर सकते हैं. वहीं जो टॉप और प्रेक्टिस्ड एथलीट्स हैं वे मसल-अप और प्लांच जैसे सुप्रीम स्किल्स भी सीख सकते हैं. तीसरी जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह यह है कि कैलिस्थेनिक्स तकनीक को आसानी से गार्डन, खुले मैदान, पार्क, ओपन जिम सेटअप या घर के अंदर भी किया जा सकता है.

शुरुआत में लोग पुश-अप्स और स्क्वैट्स जैसे बुनियादी तरीकों से इसकी ट्रेनिंग शुरू कर सकते हैं. वहीं जो टॉप और प्रेक्टिस्ड एथलीट्स हैं वे मसल-अप और प्लांच जैसे सुप्रीम स्किल्स भी सीख सकते हैं. तीसरी जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह यह है कि कैलिस्थेनिक्स तकनीक को आसानी से गार्डन, खुले मैदान, पार्क, ओपन जिम सेटअप या घर के अंदर भी किया जा सकता है.

यह जिम वर्कआउट से कैसे अलग है? फिटनेस का यह नया तरीका पारंपरिक व्यायाम विधि और जिम वर्कआउट दोनों से ही थोड़ी सी अलग है क्योंकि पारंपरिक एक्सरसाइज में दौड़, प्राकृतिक रूप से व्यायाम, योग और आसन शामिल हैं जबकि जिम में अक्सर मशीनों और बाहरी वजन का उपयोग करते हैं, लेकिन कैलिस्थेनिक्स में शरीर पर नियंत्रण और शरीर के वजन की ताकत का उपयोग फिट रहने के लिए किया जाता है.

यह जिम वर्कआउट से कैसे अलग है? फिटनेस का यह नया तरीका पारंपरिक व्यायाम विधि और जिम वर्कआउट दोनों से ही थोड़ी सी अलग है क्योंकि पारंपरिक एक्सरसाइज में दौड़, प्राकृतिक रूप से व्यायाम, योग और आसन शामिल हैं जबकि जिम में अक्सर मशीनों और बाहरी वजन का उपयोग करते हैं, लेकिन कैलिस्थेनिक्स में शरीर पर नियंत्रण और शरीर के वजन की ताकत का उपयोग फिट रहने के लिए किया जाता है.

कौन से सेलिब्रिटी इस फिटनेस नियम का पालन कर रहे हैं? भारत में भी, कई मशहूर हस्तियां और फिटनेस के प्रति उत्साही लोग कैलिस्थेनिक्स और बॉडीवेट प्रशिक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं. अभिनेता रणवीर सिंह, टाइगर श्रॉफ, दिशा पटानी और जॉन अब्राहम जैसे अभिनेताओं ने अपनी फिटनेस व्यवस्था में बॉडीवेट स्ट्रेंथ और फंक्शनल ट्रेनिंग को शामिल किया है. इसके अलावा, डिनो मोरिया अपनी फिटनेस के लिए बॉडीवेट ट्रेनिंग और फंक्शनल वर्कआउट भी करते हैं.

कौन से सेलिब्रिटी इस फिटनेस नियम का पालन कर रहे हैं? भारत में भी, कई मशहूर हस्तियां और फिटनेस के प्रति उत्साही लोग कैलिस्थेनिक्स और बॉडीवेट प्रशिक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं. अभिनेता रणवीर सिंह, टाइगर श्रॉफ, दिशा पटानी और जॉन अब्राहम जैसे अभिनेताओं ने अपनी फिटनेस व्यवस्था में बॉडीवेट स्ट्रेंथ और फंक्शनल ट्रेनिंग को शामिल किया है. इसके अलावा, डिनो मोरिया अपनी फिटनेस के लिए बॉडीवेट ट्रेनिंग और फंक्शनल वर्कआउट भी करते हैं.

सिर्फ फिल्म उद्योग ही नहीं बल्कि कई बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट और बिजनेसमेन भी इस फिटनेस स्टाइल को अपना रहे हैं. boAt के सह-संस्थापक अमन गुप्ता ने भी कई बार कहा है कि उन्हें कैलिस्थेनिक्स और बॉडीवेट ट्रेनिंग पसंद है. जब शार्क टैंक इंडिया पर एक प्रतियोगी द्वारा कैलिस्थेनिक्स पेश किया गया था, तो उन्होंने खुद बाद में आकर और कुछ मूवमेंट करके अपनी रुचि दिखाई.

सिर्फ फिल्म उद्योग ही नहीं बल्कि कई बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट और बिजनेसमेन भी इस फिटनेस स्टाइल को अपना रहे हैं. boAt के सह-संस्थापक अमन गुप्ता ने भी कई बार कहा है कि उन्हें कैलिस्थेनिक्स और बॉडीवेट ट्रेनिंग पसंद है. जब शार्क टैंक इंडिया पर एक प्रतियोगी द्वारा कैलिस्थेनिक्स पेश किया गया था, तो उन्होंने खुद बाद में आकर और कुछ मूवमेंट करके अपनी रुचि दिखाई.

इसी तरह शुगर कॉस्मेटिक्स की सह-संस्थापक विनीता सिंह भी अपनी फिटनेस दिनचर्या में बॉडीवेट ट्रेनिंग और फंक्शनल व्यायाम शामिल करती हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें न केवल शरीर चुस्त और दुरुस्त रहता है बल्कि ऊर्जा से भरपूर रहता है. यह फिजिकली और मेंटली दोनों स्तरों पर पॉजिटिव असर डालता है.

इसी तरह शुगर कॉस्मेटिक्स की सह-संस्थापक विनीता सिंह भी अपनी फिटनेस दिनचर्या में बॉडीवेट ट्रेनिंग और फंक्शनल व्यायाम शामिल करती हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें न केवल शरीर चुस्त और दुरुस्त रहता है बल्कि ऊर्जा से भरपूर रहता है. यह फिजिकली और मेंटली दोनों स्तरों पर पॉजिटिव असर डालता है.

कैलिस्थेनिक्स केवल व्यायाम करने का एक तरीका नहीं है. यह फिटनेस के बारे में सोचने का एक तरीका है जो आत्मनिर्भरता पर आधारित है. यह लोगों को अपने शरीर के बारे में अधिक जागरूक बनाता है और उन्हें नियंत्रण और ताकत विकसित करने के तरीके को समझने में मदद करता है. यही कारण है कि यह आज युवाओं के बीच एक बहुत लोकप्रिय फिटनेस ट्रेंड बन गया है.

 कैलिस्थेनिक्स केवल व्यायाम करने का एक तरीका नहीं है. यह फिटनेस के बारे में सोचने का एक तरीका है जो आत्मनिर्भरता पर आधारित है. यह लोगों को अपने शरीर के बारे में अधिक जागरूक बनाता है और उन्हें नियंत्रण और ताकत विकसित करने के तरीके को समझने में मदद करता है. यही कारण है कि यह आज युवाओं के बीच एक बहुत लोकप्रिय फिटनेस ट्रेंड बन गया है.

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