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हिमाचल प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच खाना पकाने के लिए बिजली से चलने वाले इंडक्शन हीटर की मांग अचानक कई गुना बढ़ी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि जो दुकानदार पहले हफ्ते में मुश्किल से एक-दो इंडक्शन बेच पाते थे, अब उनके यहां रोजाना 8 से 15 तक इंडक्शन बिक रहे हैं। खासकर होटल और ढाबा संचालक कमर्शियल LPG गैस के विकल्प के लिए इंडक्शन खरीद रहे हैं। राजधानी शिमला में पिछले 5 से 6 दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे होटल, ढाबा और छोटे रेस्टोरेंट संचालकों के सामने खाना बनाने का संकट खड़ा हो गया है। कई ढाबों में गैस खत्म होने के बाद कामकाज बंद करना पड़ा है और ताले लटक गए है, जबकि कई कारोबारी वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं। शहर के ज्यादातर होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा संचालकों के पास दो से तीन दिन की LPG शेष बची है। ऐसे में सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो LPG का गंभीर संकट खड़ा होगा। 2 दिन में 35 इंडक्शन बेचे: दिपेश शिमला के मॉल रोड पर इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाने वाले कारोबारी दिपेश ने बताया कि पूर्व में एक सप्ताह में मुश्किल से 3 से 4 इंडक्शन ही बिकते थे। लेकिन पिछले 2 दिनों में ही उनकी दुकान से करीब 35 इंडक्शन बिक चुके हैं। उनका कहना है कि गैस की कमी के कारण लोग मजबूरी में इंडक्शन हीटर खरीद रहे हैं। हर रोज 8 से 10 इंडक्शन बिक रहे: महेश इसी तरह मॉल रोड के ही इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी महेश चंद शर्मा ने भी इंडक्शन की मांग में आई अचानक तेजी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पहले उनकी दुकान से सप्ताह में एक ही इंडक्शन बिकता था, लेकिन पिछले 3-4 दिनों से रोजाना 8 से 10 इंडक्शन बिक रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनमें ज्यादातर खरीदारी होटल और ढाबा संचालक कर रहे हैं, हालांकि कुछ लोग घरेलू इस्तेमाल के लिए भी इंडक्शन हीटर खरीद रहे हैं। खाना पकाने को 10 इंडक्शन ऑर्डर किए: राजीव शिमला के होटेलियर राजीव भारद्वाज ने बताया कि गैस की किल्लत के बाद उन्होंने भी अपने होटल के लिए 10 इंडक्शन चंडीगढ़ से ऑर्डर किए है, क्योंकि होटल में आने वाले टूरिस्ट को भूखा नहीं रखा जा सकता। इसी तरह खाना पकाने को उन्होंने अपने होटल में लकड़ी से चलने वाला चूल्हा भी लगा दिया है। बर्तनों की डिमांड भी कई गुणा बढ़ी इंडक्शन हीटर की बढ़ती मांग का असर उससे जुड़े अन्य सामानों की बिक्री पर भी पड़ा है। इंडक्शन पर इस्तेमाल होने वाले विशेष बर्तनों की बिक्री में भी काफी इजाफा हुआ है। दुकानदारों के मुताबिक, जो ग्राहक इंडक्शन खरीदने आ रहे हैं, वे साथ में इंडक्शन फ्रेंडली कढ़ाही, तवा और पतीले भी खरीद रहे हैं। खाड़ी देशों में तनाव नहीं रुका तो और परेशानी बढ़ेगी जानकारों के अनुसार- खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव का असर एलपीजी सप्लाई चेन पर भी पड़ रहा है, जिसके चलते प्रदेश में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है। शिमला में फिलहाल कमर्शियल सिलेंडर लगभग नदारद हैं और अब घरेलू एलपीजी की कमी भी धीरे-धीरे महसूस होने लगी है। ऐसे में लोगों को उम्मीद कम है कि अगले कुछ दिनों में गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य हो पाएगी। कारोबारियों के साथ आम उपभोक्ता भी परेशान एलपीजी की कमी से न केवल होटल और ढाबा संचालक परेशान हैं बल्कि आम लोग भी चिंता में हैं। यदि आने वाले 2-3 दिनों में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो शिमला में दर्जनों होटल और ढाबों पर ताला लग सकता है। कुछ ने लकड़ी के चूल्हे निकाले इस संकट से निपटने के लिए कई लोग पुराने समय की तरह लकड़ी से जलने वाले चूल्हों का सहारा लेने लगे हैं। वहीं बड़ी संख्या में लोग बिजली से चलने वाले इंडक्शन हीटर को विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। मौजूदा हालात में इंडक्शन हीटर गैस संकट से राहत का सबसे आसान और तुरंत उपलब्ध विकल्प बनकर उभरा है।

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