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होमताजा खबरकृषिबढ़ता तापमान कहीं आपके मशरूम की फसल को ना कर दे बर्बाद, तुरंत करें ये उपाय

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फरवरी एवं मार्च के महीने में अधिक धूप और बढ़ते तापमान का असर मशरूम की फसल पर अधिक पड़ सकता है. ज्यादा तापमान मशरूम की फसल के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे में वातावरण में बढ़ते टेंपरेचर के साथ-साथ मशरूम के कमरों में तापमान को 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक नियंत्रित करना बेहद आवश्यक होता है. 

आजमगढ़: मार्च का महीना शुरू हो चुका है और मौसम में जबरदस्त तब्दीली देखी जा रही है. वातावरण में तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर मशरूम की फसलों पर भी देखने को मिल रहा है. दिन में बढ़ते तापमान और रात में हल्की ठंड के कारण मशरूम का उत्पादन करने वाले व्यापारी या किसानों के लिए अपने फसल को सुरक्षित रख पाना एक बड़ी चुनौती बन रही है, ऐसे में इस दौरान मशरूम की फसलों को सुरक्षित रखने के लिए एवं उन पर लगने वाले फफूंद जनित रोगों से उन्हें बचाने के लिए कुछ जरूरी इंतजाम करना बेहद आवश्यक हो जाता है.

नियंत्रित तापमान है जरूरी

मशरूम उत्पादन का कार्य कर रहे किसान रवि सिंह ने बताया कि फरवरी एवं मार्च के महीने में अधिक धूप और बढ़ते तापमान का असर मशरूम की फसल पर अधिक पड़ सकता है. ज्यादा तापमान मशरूम की फसल के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे में वातावरण में बढ़ते टेंपरेचर के साथ-साथ मशरूम के कमरों में तापमान को 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक नियंत्रित करना बेहद आवश्यक होता है. विशेष कर बटन मशरूम के लिए यह समय बेहद संवेदनशील होता है.

संतुलित नमी का रखें ध्यान

ऐसे मौसम में जब वातावरण का तापमान अधिक होने लगे इस स्थिति में मशरूम उत्पादन के कक्ष में समय-समय पर देखरेख बेहद आवश्यक हो जाता है. बटन मशरूम के बेहतर उत्पादन के लिए 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के तापमान की आवश्यकता होती है. वहीं नमी का स्टार 80% से काम होना चाहिए, अधिक नमी की स्थिति में ग्रीन और ब्लैक मोल्ड जैसी बीमारियां मशरूम के उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं. ऐसी स्थिति में फसल को बचाने के लिए किसानों को अपने मशरूम उत्पादन कक्षा के तापमान की मॉनिटरिंग समय-समय पर करते रहनी चाहिए.

वहीं मशरूम कक्ष में वेंटिलेशन का इंतजाम भी सही तरह से होना चाहिए आमतौर पर वेंटिलेशन के लिए कमरों में झरोखे रखे जाते हैं, जो पूरी तरह से खुले होते हैं. लेकिन यह मशरूम के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इन झरोखों पर महीन जाली लगाना बेहद आवश्यक होता है जिससे सूक्ष्म कीट कक्ष के अंदर प्रवेश नहीं कर पाते हैं जिससे मशरूम स्वच्छ और बेदाग बना रहता है, इससे जहां एक तरफ मशरूम की पैदावार को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है, बल्कि साफ सुथरा मशरूम उत्पादन किसानों के लिए फायदेमंद और लाभदायक हो सकता है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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