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पलामू जिले में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के माध्यम से 15 मार्च को साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी.

पलामू जिले में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से 15 मार्च को साक्षरता परीक्षा आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा. जिसमें जिले भर के निरक्षर लोग भाग लेकर अपनी साक्षरता का प्रमाण प्राप्त कर सकेंगे.

जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार ने कहा कि इस परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. संबंधित प्रखंडों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में निरक्षर लोगों की संख्या के अनुसार परीक्षा केंद्र निर्धारित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस परीक्षा में शामिल हो सकें. इन केंद्रों पर ही परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए सदर प्रखंड में आठ केंद्र बनाए गए है.

पलामू जिले में 19 हजार लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य
राज्य सरकार की ओर से पलामू जिले के लिए करीब 19 हजार लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यदि इस लक्ष्य से अधिक लोग परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं तो उनका भी परीक्षा लिया जाएगा. यानी जितने भी इच्छुक निरक्षर लोग परीक्षा देना चाहेंगे, उन्हें इसमें शामिल होने का अवसर मिलेगा. इस परीक्षा में वे सभी लोग भाग ले सकते हैं, जिनके पास पढ़े-लिखे होने का कोई आधिकारिक प्रमाण पत्र नहीं है. इस परीक्षा के माध्यम से उन्हें साक्षरता का प्रमाण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. पलामू जिले में संचालित जन चेतना केंद्रों में जो भी लोग पढ़ाई के लिए आ रहे हैं, वे सभी इस परीक्षा में शामिल हो सकेंगे.

साक्षरता दर को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
आगे कहा कि इसके अलावा विद्यालयों में कार्यरत रसोइया समेत अन्य कर्मचारी भी इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं, यदि उनके पास साक्षरता का कोई प्रमाण पत्र नहीं है. इस पहल का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति निरक्षर न रहे.परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को अपने साथ किसी प्रकार का पहचान पत्र लेकर आना होगा. जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले में साक्षरता दर को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि बड़ी संख्या में लोग इस परीक्षा में शामिल होकर साक्षर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे.

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